नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हरियाणा में वोटों की गिनती जारी है। यहां की करनाल विधानसभा सीट साल 2014 से अब तक प्रदेश के मुख्यमंत्री की सीट रही है। इस सीट पर पहले मनोहर लाल खट्टर और उनके बाद नायब सिंह सैनी विधायक रहे। हालांकि, फिलहाल इस सीट पर CM फेस चुनाव नहीं लड़ रहे हैं लेकिन इस सीट की चर्चा काफी है।
Karnal Assembly Seat पर बीजेपी के जगमोहन आनंद और कांग्रेस की सुमिता विर्क के बीच मुख्य मुकाबला है। चौथे राउंड की काउंटिंग के बाद जगमोहन आनंद 7590 सीटों से आगे चल रहे हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक, इस सीट पर 60.72 प्रतिशत वोटिंग दर्ज हुई थी।
Karnal Assembly Seat की कहानी?
साल 2014 में मनोहर लाल खट्टर करनाल विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे। चुनाव जीतकर वो हरियाणा के मुख्यमंत्री बने। साल 2019 में उन्होंने एक बार फिर इस सीट से चुनाव जीता और वो दूसरे बार हरियाणा के मुख्यमंत्री बने। साल 2024 में जब उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दिया तो नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री बनाया गया। नायब सिंह ने इसी सीट से उपचुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।
करनाल विधानसभा सीट करनाल लोकसभा सीट के अंतर्गत आती है
करनाल विधानसभा सीट करनाल लोकसभा सीट के अंतर्गत आती है। इस साल लोकसभा चुनाव में खट्टर करनाल लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे हैं। खट्टर फिलहाल केंद्र सरकार में हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स और ऊर्जा मंत्री हैं।
2009 के चुनाव में कांग्रेस की सुमिता सिंह ने इस सीट से चुनाव जीता था
Karnal Assembly Seat की बात करें तो साल 2005 और 2009 के चुनाव में कांग्रेस की सुमिता सिंह ने इस सीट से चुनाव जीता था। उनके बाद 2014 और 2019 के चुनाव में करनाल की जनता ने मनोहर लाल खट्टर को विधायक चुना था। वहीं, इस साल हुए उपचुनाव में नायब सिंह सैनी ने यहां से चुनाव जीता था। खास बात ये है कि 1957 से अब तक हुए चुनावों के नतीजों को देखते हुए ये कहना मुश्किल है कि ये सीट किसी एक पार्टी का गढ़ है, इस सीट ने CPI, कांग्रेस, निर्दलीय, बीजेपी सभी को मौका दिया है।





