नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के राठीखेड़ा गांव में बुधवार को एथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ चल रहा किसान आंदोलन अचानक हिंसक हो गया। महापंचायत के बाद किसानों की भीड़ फैक्ट्री परिसर में घुस गई, दीवार तोड़ी और 16 वाहनों को आग लगा दी। इसमें कारें, बाइक, पुलिस जीप और एक जेसीबी मशीन शामिल थीं।
झड़प में पुलिसकर्मी घायल, कई किसान डिटेन
पथराव और लाठीचार्ज में 5 पुलिसकर्मी घायल, 7 किसान डिटेन किए गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और रबर बुलेट का इस्तेमाल किया। जिले में धारा 144 लागू है और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
15 महीने से किसान क्यों कर रहे हैं विरोध?
किसानों का आरोप है कि 450 करोड़ रुपये की यह एथेनॉल फैक्ट्री प्रदूषण बढ़ाएगी, भूजल स्तर गिराएगी, फसलों को नुकसान पहुंचाएगी। किसान 15 महीने से आंदोलन कर रहे हैं और कई बार प्रशासन से बात भी हो चुकी है। कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने बताया फैक्ट्री को 2022 से 2024 तक सभी वैधानिक मंजूरियां मिली हैं। 2023 में सीएलयू (CLU) परमिशन दी गई। अगस्त 2024 में स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की मंजूरी भी मिली। प्रशासन ने कहा कि फैक्ट्री पूरी तरह नियमों का पालन कर रही है।
15 करोड़ की कृषि खरीद हर महीने
कंपनी का दावा है कि फैक्ट्री हर महीने 9 करोड़ की पराली, और 6 करोड़ का मक्का/चावल खरीदेगी। इससे इलाके में रोजगार बढ़ेगा और किसानों को आर्थिक लाभ होगा। पंजाब की फैक्ट्री का दौरा करवाने की पेशकश भी की गई थी। आज किसान टिब्बी के गुरुद्वारे में बैठक करेंगे। इसमें हिंसा, गिरफ्तारी और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। प्रशासन ने कहा, किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं होगी। इंटरनेट बंद है और स्कूल-कॉलेज भी बंद रखे गए हैं। कलेक्टर और एसपी ने कहा कि दोनों पक्षों से बातचीत जारी है। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घटना में कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया भी घायल हुए हैं।




