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Halloween 2025: क्या वाकई 31 अक्टूबर को धरती पर लौटती हैं मृत आत्माएं? Gen-Z के लिए डर नहीं बल्कि…

31 अक्टूबर को मनाया जाने वाला हैलोवीन अब डर और अंधविश्वास से आगे बढ़कर युवाओं के लिए क्रिएटिविटी और डिजिटल सेल्फ-एक्सप्रेशन का त्योहार बन गया है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दुनियाभर में हर साल 31 अक्टूबर की रात को मनाया जाने वाला त्योहार हैलोवीन (Halloween) भारत में भी तेजी से लोकप्रियता हासिल कर रहा है। यह प्राचीन मान्यताओं और आधुनिक सोशल मीडिया संस्कृति का एक अनूठा संगम है। जहां इसकी जड़ें मृत आत्माओं की वापसी के डर से जुड़ी हैं, वहीं आज यह युवाओं के लिए अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने का बड़ा मंच बन चुका है। भारत में भी Gen-Z पीढ़ी इसे सोशल मीडिया ट्रेंड्स, कॉस्ट्यूम पार्टियों और पॉप-कल्चर थीम्स के साथ जोश से मना रही है।

क्या है मृत आत्माओं की वापसी का अंधविश्वास?

हैलोवीन की जड़ें लगभग 2000 साल पुराने यूरोप के प्राचीन केल्टिक त्योहार ‘Samhain’ में हैं।उस दौर में यह माना जाता था कि 31 अक्टूबर की रात को जीवित और मृत आत्माओं की दुनिया के बीच की दीवार सबसे पतली हो जाती है। इसी कारण मृत आत्माएं पृथ्वी पर लौटती हैं।

इन आत्माओं को शांत करने के लिए लोग मुखौटे पहनते, अलाव जलाते और घरों के बाहर भोजन रखते थे।यह त्योहार मूल रूप से ‘फसल की कटाई’ और ‘सर्दियों की शुरुआत’ से जुड़ा था। बाद में, ईसाई धर्म में 1 नवंबर को ‘All Saints’ Day’ घोषित किया गया, जिससे इसकी पूर्व संध्या ‘All Hallows’ Eve’ कहलाई, जो बाद में बदलकर हैलोवीन बन गई।

 आधुनिक हैलोवीन: डर से कला तक

प्राचीन परंपराओं में यह पर्व भले ही जीवन और मृत्यु के संतुलन का प्रतीक रहा हो, लेकिन आधुनिक युग में इसका स्वरूप बदल गया है। आज यह डर और अंधविश्वास से निकलकर कला, क्रिएटिविटी और आत्म-अभिव्यक्ति का उत्सव है।यह अपनी पहचान को नए रूप में प्रस्तुत करने और ‘डर पर विजय पाने’ का मौका बन गया है।

Gen-Z और भारत में हैलोवीन का बढ़ता क्रेज

भारत के मेट्रो शहरों और युवाओं के बीच हैलोवीन की लोकप्रियता का मुख्य कारण वैश्वीकरण और सोशल मीडिया है: हॉलीवुड फिल्में, वैश्विक फैशन और सोशल मीडिया ट्रेंड्स ने इस पर्व को खासकर Gen-Z पीढ़ी के बीच लोकप्रिय बनाया है।

अब कॉलेज, कॉर्पोरेट ऑफिस और कैफे में हैलोवीन थीम पर कॉस्ट्यूम पार्टियां आयोजित की जाती हैं।

Gen-Z के लिए यह एक ‘कंटेंट मोमेंट’ है। TikTok, Instagram और Snapchat जैसे प्लेटफॉर्म पर #SpookySeason, #31OctVibes जैसे हैशटैग लाखों पोस्ट्स के साथ ट्रेंड करते हैं।

कॉस्ट्यूम अब केवल हॉरर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये पॉप-कल्चर (जैसे Wednesday Addams, Barbie) और एस्थेटिक थीम से प्रेरित होते हैं। युवाओं के लिए रील बनाना और तस्वीरें साझा करना ही इस दिन का नया डिजिटल मंत्र बन गया है।

बड़े ब्रांड्स भी इस मौके को भुनाते हैं। फूड ब्रांड्स ‘पम्पकिन स्पेशल’ लाते हैं, जबकि फैशन और टेक कंपनियां नए डार्क लुक्स और ‘AI Ghost Filters’ जारी करती हैं।

भारत में बढ़ता हैलोवीन क्रेज: सोशल मीडिया ने बढ़ाया जादू

भारत में हैलोवीन का क्रेज खासकर मेट्रो शहरों के युवाओं में तेज़ी से फैल रहा है।

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