नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने बड़ा बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा, “आप यह क्यों मान रहे हैं कि आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे? इसका कोई सबूत नहीं है। वे लोकल भी हो सकते हैं। चिदंबरम ने एक इंटरव्यू में ये भी कहा कि सरकार ने अब तक इस हमले से जुड़ी कोई ठोस जानकारी साझा नहीं की है और NIA की जांच पर भी सवाल उठाए।
विपक्ष और जनता की तीखी प्रतिक्रिया
इस बयान के बाद चिदंबरम पर विपक्षी दलों के साथ-साथ आम लोगों की भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। विरोधी दलों ने आरोप लगाया कि चिदंबरम जानबूझकर पाकिस्तान को क्लीन चिट देने की कोशिश कर रहे हैं।
शशि थरूर की चुप्पी फिर चर्चा में
इस पूरे मुद्दे पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर की चुप्पी भी चर्चा का विषय बन गई है। बताया जा रहा है कि वे संसद में इस बहस का हिस्सा नहीं होंगे। गौरतलब है कि थरूर ने हाल ही में विदेश नीति को लेकर सरकार के पक्ष का समर्थन किया था, जिससे पार्टी और उनके बीच मतभेद की अटकलें लगाई जा रही थीं। सोमवार, 28 जुलाई को संसद के मॉनसून सत्र में पहलगाम आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विशेष बहस हो रही है। सरकार की तरफ से गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर प्रमुख वक्ता है।
बहस का फोकस क्या हैं?
22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी। विपक्ष सरकार पर खुफिया तंत्र की विफलता का आरोप लगा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर की पारदर्शिता और जानकारी साझा न करने पर भी सवाल उठाए जाएंगे। यह भी मुद्दा बनेगा कि भारत को अंतरराष्ट्रीय समर्थन क्यों नहीं मिल पा रहा।




