नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कजाकिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट का आयोजन किया जा रहा है। इस समिट में शामिल होने के लिए भारत के विदेश मंत्री जयशंकर कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की।
शंघाई सहयोग संगठन की 24वीं बैठक का 3-4 जुलाई तक आयोजन किया जाएगा। इस बैठक में भारत के अलावा चीन, पाकिस्तान, रूस समेत 9 देश शामिल हो रहे हैं। वहीं इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री जयशंकर कर रहे हैं। बता दें कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद सत्र की व्यस्तता की वजह से इस समिट में शामिल नहीं हो पाये।
चीनी विदेश मंत्री वांग यी से की मुलाकात
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने SCO समिट से इतर अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। बता दें कि इस बैठक में शामिल होने के लिए रूस के राष्ट्रपति पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ भी कजाकिस्तान पहुंचे हैं।
इस समय शंघाई सहयोग संगठन में 8 देश शामिल हैं। जिनमें कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, तजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, पाकिस्तान और भारत शामिल हैं। वहीं अफगानिस्तान, ईरान, बेलारूस और मंगोलिया पर्यवेक्षक के रूप में हैं।
सिक्योर एससीओ विजन होगा भारत की प्राथमिकता
विदेश मंत्रालय ने बैठक से पहले बताया था कि SCO में भारत की प्राथमिकता पीएम मोदी के सेक्योर एससीओ विजन पर आधारित होगी। भारत का जोर सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, संपर्क, सहयोग, एकता, संप्रभुता का सम्मान, पर्यावरण सुरक्षा और क्षेत्रीय एकता पर होगा।
क्या है SCO?
एससीओ की स्थापना 15 जून 2001 को हुई थी। उस समय चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और तजाकिस्तान ने एक बैठक की। जिसमें शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन को बनाया गया। इसका मकसद आपस में एक दूसरे के नस्लीय और धार्मिक तनावों को दूर करने के अलावा कारोबार और निवेश बढ़ना था।
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