नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कॉलेज और यूनिवर्सिटी में ‘स्ट्रेस मैनेजमेंट’ का विषय पढ़ाने का आह्वान किया है। वित्त मंत्री का मानना है कि इससे विद्यार्थियों को अंदर से मजबूत बनने में मदद मिलेगी, जिसकी वजह से स्ट्रेस को मैनेज किया जा सकता है और किसी प्रकार की अनहोनी रोकी जा सकती है। सीतारमण ने यह बात अर्न्स्ट एंड यंग (EY) नाम की कंपनी में काम करने वाली एक युवा CA की मौत के बाद कही है। सीतारमण के बयान पर विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़ी आलोचना करते हुए उनके बयान को पूरी तरह से क्रूर बताया है। वहीं शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी उनपर निशाना साधा।
थोड़ा संवेदनशील बनें- प्रियंका चतुर्वेदी
प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ‘निर्मला सीतारमण, एन्ना में CA की डिग्री हासिल करने के साथ आने वाले तनाव को झेलने की अंदरूनी ताकत थी। यह जहरीले कार्य संस्कृति और लंबे काम के घंटे थे जिन्होंने उनकी जान ले ली, जिस पर बात होनी चाहिए है। पीड़िता को शर्मिंदा करना बंद करें और थोड़ा संवेदनशील बनने की कोशिश करें, मुझे यकीन है कि अगर आप चाहेंगी तो भगवान आपका मार्गदर्शन करेंगे।’
क्या कहा निर्मला सीतारमण ने?
वहीं प्रियंका चतुर्वेदी के बयान पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि चेन्नई के डीम्ड यूनिवर्सिटी में उन्होंने बताया कि CA जैसी कठिन और चुनौतीपूर्ण परीक्षा पास करने के बाद उनपर असहनीय तनाव था। इस दौरान उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया।
इस विश्वविद्यालय ने अपने सभी छात्रों और शिक्षकों के लिए एक ध्यान कक्षा और पूजा स्थल की स्थापना की है। इस संदर्भ में मैने छात्रों को बताया कि आंतरिक शक्ति का कैसे निर्माण करना है। उन्होंने इस दुखद घटना के संदर्भ में बच्चों का समर्थन करने के लिए मैने संस्थानों और परिवारों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसी भी तरह से पीड़िता को शर्मिंदा नहीं किया और ना ही उनका इरादा था।
निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने इस मामले में पहले ही शोषणकारी कार्य वातावरण से संबंधित गहन जांच का आश्वासन दिया है।
वित्त मंत्री सीतारमण का CA को लेकर बयान
एक प्राइवेट कॉलेज में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निर्मला सीतारमण ने 26 वर्षीय CA का जिक्र किया। सीतारमण ने कर्मी या कंपनी का नाम नहीं लिया था मगर उन्होंने बताया कि वे एक मुद्दे पर चर्चा कर रही थीं, जो पिछले दो दिनों से सुर्खियों में है। सीतारमण ने बताया कि जब हमारे बच्चे शिक्षा प्राप्त करने के लिए कॉलेज या विश्वविद्यालय जाते हैं और वहां से निखरकर निकालते हैं। CA की पढ़ाई करने वाली एक युवती एक कंपनी में काम के दवाब को झेलने में असमर्थ हो गई जिसके कारण युवती की मौत हो गई।
सीतारमण ने कहा कि शिक्षा संस्थान और परिवारों को बच्चों को बताना चाहिए कि स्ट्रेस से कैसे बचें? उनसे कहना चाहिए कि आप जो भी पढ़ाई करें या जो भी नौकरी करें, आपको उससे जुड़े तनाव को झेलने की अंदरूनी शक्ति होना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
साल 2023 में CA की परीक्षा के उत्तीर्ण करने के बाद EY के पुणे कार्यालय में लगभग चार महीने काम करने वाली अन्ना सेबेस्टियन (Anna Sebestian) की जुलाई में मौत हो गई थी।
अन्ना की मां ने EY India के चेयरमैन को पत्र भी लिखा था जिसमें उन्होंने बताया कि एक नए कर्मचारी के तौर पर अन्ना पर काम का बोज बहुत ज्यादा डाला गया था। उन्होंने बताया कि अन्ना को शारीरिक, भावनात्मक और मानसिक रूप से प्रभावित किया गया था।
फिलहाल सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए EY फर्म के काम के माहौल की जांच करेगी।





