नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। ED ने पूर्व IAS अधिकारी और नोएडा अथॉरिटी के पूर्व CEO मोहिंदर सिंह के घर पर गुरुवार को छापेमारी की। सिंह पर आरोप है कि 9000 करोड़ के लैंड स्कैम में शामिल थे। यह घटना मायावती की सरकार के दौरान हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार छापेमारी के दौरान 1 करोड़ कैश के अलावा 12 करोड़ के हीरे, 7 करोड़ का सोना बरामद किया गया। इसके साथ ही उनके दिल्ली, चंडीगढ़ और नोएडा के ठिकानों में भी सर्च की गई।
अलमारियों से मिले कई दस्तावेज
ED के अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान अलमारियों से ऐसे कई दस्तावेज मिले हैं, जिसके स्पष्ट जवाब नहीं मिल सके। इन सभी दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया है। इसके अलावा लैपटॉप, कंमप्यूटर और 5 मोबाइल भी जब्त किए गए हैं।
द कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया ने दी चेतावनी
द कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया (CAG) ने चेतावनी दी है कि नोएडा अथॉरिटी ने 2005 से 2018 के बीच बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की गई। अधिकारियों और बिल्डरों के बीच मिलीभगत के कारण सरकार को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
विजिलेंस का मामला भी है दर्ज
बसपा (BSP) की सरकार के समय 5 साल तक मोहिंदर नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में CEO और चेयरमैन के पद पर काम कर रहे थे। सुपरटेक ट्विन टावर मामले में इनके खिलाफ विजिलेंस में मामला दर्ज है। इन्होंने नियमों को ताक पर रखकर बिल्डरों को ग्रुप हाउसिंग भूखंड आवंटित किए।
स्मारकों और पार्कों के निर्माण में हुआ घोटाला
बसपा सरकार के समय लखनऊ और नोएडा में महापुरुषों के नाम पर बने स्मारकों और पार्कों के निर्माण में भी घोटाला सामने आ चुका है। ये करीब 14 अरब रुपये का मामला था।
मोहिंदर ने किया अपनी संपत्तियों का विस्तार
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण में तैनात अधिकारियों के खिलाफ ढाई अरब रुपये के घोटाले का आरोप भी है। इसके बावजूद, किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। मोहिंदर सिंह खुद प्राधिकरण से इस्तीफा देकर बिल्डर बन गए और अपनी संपत्तियों का विस्तार किया।





