नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। तेलंगाना के कामारेड्डी और हनमकोंडा जिलों से पशु क्रूरता का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि सिर्फ सात दिन के भीतर करीब 500 आवारा कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन देकर मार दिया गया, और यह सब कथित तौर पर चुनावी वादा पूरा करने के लिए किया गया। इस खुलासे के बाद पूरे राज्य में आक्रोश है और पशु प्रेमियों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बीच सामने आया मामला
देश में आवारा कुत्तों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। कोर्ट साफ कह चुका है कि कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण ही समाधान है, न कि हत्या। इसी बीच तेलंगाना से सामूहिक हत्या का यह मामला सामने आना प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
कामारेड्डी जिले में 200 कुत्तों की हत्या का आरोप
जानकारी के मुताबिक, 12 जनवरी 2026 को स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया से जुड़े एनिमल क्रुएल्टी प्रिवेंशन मैनेजर अदुलापुरम गौतम ने माचारेड्डी थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पलवांचा मंडल के भावनीपेट पलवांचा, फरीदपेट, वाड़ी, बंदारमेश्वरापल्ली गांवों में पिछले 2- 3 दिनों के भीतर करीब 200 आवारा कुत्तों को मार दिया गया। शिकायत के अनुसार, इन हत्याओं को गांव के सरपंचों के इशारे पर अंजाम दिया गया। एक व्यक्ति किशोर पांडेय पर आरोप है कि उसे इन कुत्तों को मारने के लिए लगाया गया था। आरोप है कि कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन दिए गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, हनमकोंडा जिले के शायमपेट और अरेपल्ली गांवों में भी करीब 300 आवारा कुत्तों की हत्या का मामला सामने आया है। इस केस में दो महिला सरपंच उनके पति ग्राम सचिव समेत कुल 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक, यहां भी सुनियोजित तरीके से कुत्तों को पकड़कर उन्हें जहरीले इंजेक्शन दिए गए और फिर गांव के बाहर गड्ढे खोदकर दफना दिया गया। जब पशु अधिकार कार्यकर्ताओं को शक हुआ, तो उन्होंने शिकायत की। इसके बाद प्रशासन ने जांच करवाई और गांव के बाहर से कुत्तों के शवों को निकालकर पोस्टमॉर्टम कराया गया। फॉरेंसिक टीम अब यह पता लगा रही है कि किस तरह का जहर इस्तेमाल किया गया था।





