नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। संसद के मानसून सत्र में अब सरकार पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए तैयार हो गई है। यह बहस लोकसभा में 28 जुलाई और राज्यसभा में 29 जुलाई को होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 जुलाई को राज्यसभा में इस मुद्दे पर जवाब देंगे।
क्या हुआ था पहलगाम में?
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकियों के कई ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। सेना की इस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा था।
विपक्ष का दबाव, सरकार की सहमति
पहलगाम हमले और जवाबी कार्रवाई पर चर्चा की मांग को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार हंगामा कर रहे थे। कई दिनों से सदन की कार्यवाही बाधित हो रही थी। अब सरकार ने संसद में चर्चा की तारीख तय कर दी है। संसद की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में यह तय हुआ कि लोकसभा में 16 घंटे और राज्यसभा में 9 घंटे यानी कुल 25 घंटे इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 जुलाई को राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर अपनी बात रखेंगे। विपक्ष की मांग थी कि प्रधानमंत्री खुद सदन में मौजूद रहें और चर्चा में हिस्सा लें।
यूके दौरे के कारण चर्चा टली
विपक्ष चाहता था कि इसी हफ्ते चर्चा हो, लेकिन 23-24 जुलाई को पीएम मोदी लंदन दौरे पर रहेंगे। वहां वे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से मुलाकात करेंगे और मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर की उम्मीद है। इसी कारण विपक्ष ने चर्चा अगले हफ्ते करने की सहमति दी। कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने संसद में जवाब देने से ज्यादा विदेश यात्रा को अहमियत दी। हालांकि अब चर्चा की तारीख तय होने से विपक्ष ने भी राहत की सांस ली है।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
यह भारतीय सेना द्वारा की गई बड़ी एयरस्ट्राइक कार्रवाई थी, जो पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई थी। इसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया और बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए। अब 28 और 29 जुलाई को संसद की दोनों सदनों में इस अहम मुद्दे पर जोरदार बहस होने की उम्मीद है, जहां सरकार अपने पक्ष रखेगी और विपक्ष जवाब मांगेगा। सभी की नजरें पीएम मोदी के बयान पर टिकी रहेंगी।




