नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। लोकसभा सांसद और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संसद के मानसून सत्र के दौरान एक बार फिर उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपना पुराना सियासी दर्द जाहिर किया। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission) पर गंभीर सवाल उठाए और उपचुनावों में धांधली का आरोप लगाया।
‘कुंदरकी, मीरापुर और अयोध्या में लूटा गया चुनाव’
अखिलेश यादव ने कहा, “उत्तर प्रदेश में हुए उपचुनावों में हमें सियासी चोट मिली है। खासकर कुंदरकी, मीरापुर और अयोध्या के मिल्कीपुर उपचुनाव में पुलिस और प्रशासन ने मिलकर चुनाव लूट लिया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग पूरी तरह निष्क्रिय रहा और किसी भी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
‘ट्रांसफर-पोस्टिंग तक नहीं करता आयोग’
सपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि यूपी में चुनाव आयोग किसी अधिकारी का ट्रांसफर या पोस्टिंग तक नहीं करता। उन्होंने कहा, “आप कितनी भी शिकायत कर लो, प्रशासन और आयोग कोई मदद नहीं करते। वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की शिकायत पर भी कोई सुनवाई नहीं होती। अखिलेश यादव 22 जुलाई को संसद परिसर में हुए एक विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हुए, जहां बिहार में मतदाता सूची निरीक्षण (SIR) का विरोध किया गया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसद भी शामिल हुए।
‘BJP नहीं चाहती कि जनता वोट डाले’
अखिलेश ने बीजेपी पर भी बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा,”भारतीय जनता पार्टी नहीं चाहती कि लोग वोट डालें। उनका कहना है कि बिहार और यूपी जैसे राज्यों में भाजपा ने जानबूझकर चुनाव आयोग और प्रशासन की मदद से वोटर लिस्ट से नाम हटवाए, ताकि विपक्ष को नुकसान पहुंचे। अखिलेश यादव ने मानसून सत्र के दौरान साफ कहा कि उन्हें यूपी में हुए उपचुनावों से सियासी चोट लगी है। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव लूटे गए और जनता का हक छीना गया। विपक्ष की मांग है कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी हो और मतदाता सूची से नाम हटाने जैसी कार्रवाइयों पर रोक लगे।




