नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपी और JNU के पूर्व छात्र उमर खालिद को 18 दिसंबर 2024 को निचली अदालत से बड़ी राहत मिली है। उमर खालिद को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 7 दिनों की अंतरिम जमानत दे दी है। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, कड़कड़डूमा कोर्ट ने उमर खालिद को 28 दिसंबर 2024 से 3 जनवरी 2025 तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी है। खबरों के अनुसार, उमर खालिद ने कड़कड़डूमा कोर्ट में अपने मौसेरे भाई और बहन की शादी में शामिल होने के लिए 10 दिनों की अंतरिम जमानत की मांग की थी। बता दें कि इससे पहले दिसंबर 2022 में उमर खालिद को उनकी बहन की शादी में शामिल होने के लिए 7 दिन की अंतरिम जमानत मिली थी।
उमर खालिद को 13 सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया गया था
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर की शुरुआत में उमर खालिद और मीरन हैदर ने मुकदमे में देरी, समानता और लंबी कैद का आधार बनाकर भी कोर्ट से जमानत की मांग की थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने जवाब पेश करने के लिए कोर्ट से समय की मांग की थी। उमर खालिद दिल्ली दंगों के आरोप में चार साल से अधिक समय से जेल में बंद है। वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों में 53 लोगों की मौत हो गई थी और 700 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद को 13 सितंबर 2020 को गिरफ्तार कर लिया था।
SC ने निचली अदालत में याचिका दाखिल करने की सलाह दी थी
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, उमर खालिद ने देश के सर्वाच्च न्यायालय में भी जमानत याचिका दाखिल की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सलाह दी थी कि वह इसके लिए निचली अदालत में अपनी याचिका दाखिल करें। सुप्रीम कोर्ट की इस सलाह के बाद उमर खालिद ने अपनी याचिका वापस ले ली थी। खबरों के अनुसार, उमर खालिद पर IPC, 1967 आर्म्स एक्ट और UAPA के तहत आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा उमर खालिद पर IPC की अन्य धाराओं के तहत भी आरोप दर्ज हैं।





