नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को एक्साइज पॉलिसी मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई होगी। केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें CBI द्वारा उनकी गिरफ्तारी के आदेश को बरकरार रखने के लिए कहा गया है।
जस्टिस सूर्यकांत और उज्जल भुयन करेंगे फैसला
जस्टिस सूर्यकांत और उज्जल भुयन इस मामले पर फैसला सुनाएंगे। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल की गिरफ्तारी को वैध ठहराते हुए कहा था कि वो मामले में जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट में जाएं। यह भी कहा गया था कि केजरीवाल आम आदमी नहीं हैं। वो मैगसेसे अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं। साथ ही आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष हैं।
कोर्ट ने कहा था कि रिमांड और अरेस्ट का गलत इस्तेमाल नहीं किया जाए
कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि रिमांड और अरेस्ट की ताकतों का गलत इस्तेमाल नहीं किया जाए। केजरीवाल को 21 मार्च को ED ने गिरफ्तार किया था। ट्रायल कोर्ट ने इन्हें 20जून को जमानत दे दी थी। लेकिन हाई कोर्ट ने इस पर स्टे लगा दिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 12 जुलाई को उन्हें अंतरिम जमानत दे दी थी।
2022 में हुआ था मामले का खुलासा
एक्साइज पॉलिसी मामले का खुलासा 2022 में किया गया था। इसमें अनियमितताओं को लेकर सीबीआई ने जांच शुरू कर दी थी। इसके बाद CBI और ED ने कहा कि इस पॉलिसी को लाइसेंस होल्डर्स के हित में तोड़ा-मरोड़ा गया है।
उल्लेखनीय है कि कोर्ट ने कहा था कि अपराध के तार पंजाब तक फैले हुए हैं, लेकिन केजरीवाल के पद के कारण और उनके प्रभाव के कारण गवाह सामने नहीं आ रहे हैं। हाई कोर्ट ने कहा था कि उसकी गिरफ्तारी के बाद ही गवाह अपने बयान दर्ज कराने के लिए आगे आए। आपको बता दे कि हाल ही में आम आदमी पार्टी नेता मनीष सिसोदिया जेल से बाहर आए हैं।
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