नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दिल्ली के कथित शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत दे दी है। हालांकि कोर्ट ने इस बात पर फैसला नहीं दिया है कि ईडी के द्वारा केजरीवाल की गिरफ्तारी सही है या गलत। इसके लिए कोर्ट ने मामले को बड़ी बेंच को भेजने की सिफारिश की है। हालांकि अरविंद केजरीवाल अभी भी बाहर नहीं निकल सकते क्योंकि उन्हें सीबीआई ने भी गिरफ्तार किया है।
जस्टिंस संजीव खन्ना और दीपांकर दत्ता की बेंच ने की सुनवाई
बता दें कि जस्टिस संजीव खन्ना और दीपांकर दत्ता की बेंच ने केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई की थी। जिसके बाद उन्होंने इस मामले में 17 मई को आदेश सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जमानत के सवाल पर विचार नहीं किया गया है बल्कि पीएमएल की धारा 19 के मानकों पर गौर किया गया है। कोर्ट ने बताया कि सेक्शन 19 और सेक्शन 15 में अंतर बताया गया है। जबतक बड़ी बेंच फैसला नहीं कर लेती तबतक केजरीवाल को अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाए।
कथित शराब नीति मामले में गिरफ्तार
बता दें कि दिल्ली शराब नीति में कथित घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की वजह से केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया था। जिसपर सुप्रीम कोर्ट के इसी बेंच ने सुनवाई करते हुए लोकसभा चुनाव में उन्हें 21 दिनों की अंतरिम जमानत दी थी।
सुनवाई के दौरान क्या हुआ था
सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर नजरल एसवी राजू ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बताया था कि हवाला के जरिये आम आदमी पार्टी को पैसे भेजे जाने के सबूत हैं। जिसपर अरविंद केजरीवाल के अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने तर्क दिया था कि मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी के लिए ईडी के द्वारा अब जिन सामग्रियों को हवाला दिया जा रहा है वह उनकी गिरफ्तारी के समय मौजूद नहीं थी।
शराब घोटाले का दावा है झूठा- आम आदमी पार्टी
गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही ईडी ने ट्रायल कोर्ट में चार्जशीट दायर कर दी है। ईडी ने चार्जशीट में केजरीवाल को घोटाले का किंगपिन और साजिशकर्ता बताया है। वहीं दिल्ली सरकार और आप पार्टी ने ईडी के इस दावे को झूठा करार दिया है। इनका कहना है कि शराब घोटाले का दावा झूठा है और साजिश के तहत दिल्ली के मुख्यमंत्री को फंसाया गया है।
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