नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। आर्मी वॉर कॉलेज महू में आयोजित रण संवाद कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना से हर प्रकार की सुरक्षा चुनौती के लिए तैयार रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज की बदलती भू-राजनीति में युद्ध कभी भी शुरू हो सकते हैं और यह कहना मुश्किल है कि वे कितने समय तक चलेंगे चाहे दो महीने हों या पाँच साल।
अप्रत्याशित हालात में भी रहना होगा सतर्क
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत किसी की ज़मीन हड़पना नहीं चाहता, लेकिन अपनी भूमि की रक्षा के लिए देश किसी भी हद तक जा सकता है। उन्होंने साफ कहा कि युद्ध अब अचानक और लंबे समय तक खिंचने वाले हो सकते हैं, इसलिए सेना को हर स्थिति के लिए पूरी तैयारी रखनी होगी।
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र
रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह भारतीय सेना की बहादुरी और तेज़ कार्रवाई का शानदार उदाहरण था। यह ऑपरेशन पूरी तरह स्वदेशी तकनीक, हथियारों और उपकरणों की मदद से सफल हुआ। राजनाथ सिंह ने कहा कि इसका नतीजा यह साबित करता है कि आने वाले समय में आत्मनिर्भरता (Self-Reliance) सिर्फ विकल्प नहीं बल्कि अनिवार्यता है।
आत्मनिर्भर भारत और आधुनिक तकनीक
कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने कहा कि युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब ड्रोन, साइबर युद्ध और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी तकनीकें अहम भूमिका निभा रही हैं। भारतीय सेना को इन नई चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा। रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देना समय की मांग है। राजनाथ सिंह ने जवानों और अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि भारत की सैन्य शक्ति सिर्फ सीमाओं की रक्षा नहीं करती, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत की ताकत और छवि को मजबूत करती है। इस मौके पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी भी मौजूद रहे।





