नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का अंतिम संस्कार 6 अगस्त को किया गया, लेकिन उन्हें राजकीय सम्मान नहीं दिया गया, जिससे राजनीतिक हलकों में नाराजगी देखी जा रही है। इस मुद्दे को रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने संसद में उठाते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने जानबूझकर इस संवेदनशील मुद्दे को नजरअंदाज किया।
क्या बोले दीपेंद्र हुड्डा ?
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को अंतिम संस्कार के दौरान राजकीय सम्मान न दिए जाने पर सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आज मैंने पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक जी को उनके अंतिम संस्कार के दौरान सरकार की ओर से मिलने वाले राजकीय सम्मान (प्रोटोकॉल) न दिए जाने का मुद्दा देश की सबसे बड़ी पंचायत में उठाया। दुख की बात है कि बीजेपी सरकार ने इसे सुनकर भी अनसुना कर दिया।”
लोकसभा में सत्यपाल मलिक को दी श्रद्धांजलि
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के निधन पर मंगलवार को लोकसभा में शोक संदेश पढ़ा गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, “सत्यपाल मलिक का निधन 5 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में 79 वर्ष की आयु में हुआ। यह सदन उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता है और उनके परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता है।” शोक संदेश के पश्चात दिवंगत आत्मा की शांति के लिए सभी सदस्यों ने अपनी-अपनी सीटों पर खड़े होकर मौन श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि के बाद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सत्यपाल मलिक को अंतिम संस्कार के समय राजकीय सम्मान न दिए जाने का मुद्दा उठाया और केंद्र सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया।
सत्यपाल मलिक का दिल्ली में हुआ था निधन
जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल चौधरी सत्यपाल सिंह मलिक का मंगलवार, 5 अगस्त को निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। 79 वर्षीय सत्यपाल मलिक ने सार्वजनिक जीवन में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। वे मेघालय, गोवा, बिहार और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों के राज्यपाल रह चुके थे। उन्हें जम्मू-कश्मीर के अंतिम पूर्णकालिक राज्यपाल के रूप में भी जाना जाता है।




