नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। केंद्र सरकार के द्वारा चलाई जा रही आयुष्मान भारत योजना मध्यम गरीब परिवारों ओर बेसहारा लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। केंद्र सरकार की और से इस योजना के पात्र मरीजों को पांच लाख तक का इलाज फ्री में किया जाता है। यह योजना कई राज्यों में लागू कि जा चुकी है। इस योजना के कार्डधारकों को आपना इलाज और दवा फ्री में खरीद सकता है, हालांकि, इसके भी कुछ माफदंड और पैमाने है। जो इस योजना में लागू होते है।
लेकिन, इस योजना को लेकर बीजेपी शासित राज्य हरियाणा में लाखों मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया है। हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्डधारकों को मिलने वाली मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित किया जा रहा है। तो वही, इस मामले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की और से बड़ा अपडेट सामने आया है।
इस योजना के कार्डधाराकों को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने ऐलान किया है कि अगर सरकार ने 7 अगस्त तक निजी अस्पतालों के बकाया बिल का भुगतान नहीं किया, तो वह इस तारीख के बाद आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज निजी अस्पतालों में करना बंद कर दिया जाएगा।
यह है मुख्य वजह
बता दें कि, हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना लाखों गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए वरदान साबित हुई है। इस योजना के तहत कार्डधारकों को निजी और सरकारी अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य सेवा फ्री में मिल रहा है। लेकिन अब इस योजना के बंद होने का खतरा मंडरा रहा है।
बिना बकाया का काम जारी नहीं होगा- IMA
IMA के हरियाणा इकाई ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर सरकार निजी अस्पतालों के 500 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान को 7 अगस्त तक पूरा नहीं करती है, तो वे इस योजना के तहत सेवाएं देना बंद कर देंगे। IMA का कहना है कि जनवरी में सरकार के साथ हमारी बैठक के बाद कुछ भुगतान जारी किए गए थे लेकिन मार्च से भुगतान करना बंद कर दिया था। 500 करोड़ रुपये अभी भी लंबित हैं बिना भुगतान के कैसे काम जारी रख सकता है।
मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी
अब ऐसे में हरियाणा राज्य सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती है। राज्य में करीब 650 निजी अस्पताल इस योजना के तहत पैनल में शामिल हैं, जो राज्य के 5 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड धारकों को फ्री में इलाज मुहैया करवा रही है। लेकिन बकाया भुगतान की समस्या के चलते अस्पताल अब इस योजना से कदम पीछे खींच रहे हैं।
IMA के इस फैसले से लाखों गरीब मरीजों की मुश्किलें बढ़ सकती है। योजना के कार्डधारकों को काफी परेशानी का सामना करना होाग। खासकर उन मरीजों को, जिन्हें गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, हृदय रोग, और किडनी संबंधी समस्याओं का इलाज निजी अस्पतालों में करवाना पड़ता है।
IMA की मांग, मंत्री का आश्वासन
वही, इस पूरे मामले पर IMA ने अपनी मांग सरकार के सामने रखी है। आईएमए ने मांग की है सरकार आयुष्मान योजना का सालाना बजट 800 करोड़ से बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपये करे, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सके। वहीं, हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए आश्वासन दिया है कि सरकार जल्द ही बकाया भुगतान करेगी।




