नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बंगाल की खाड़ी में बने गंभीर चक्रवाती तूफान “मोंथा” ने अब भयंकर रूप ले लिया है। जिसको लेकर भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है। विभाग ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया है। IMD के अनुसार, यह तूफान आज रात आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम और काकीनाडा के बीच तट से टकरा सकता है। इस दौरान हवा की गति 90 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने की संभावना है। तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश, समुद्र में उफान और तेज हवाएं चलेंगी। IMD ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी है और आम लोगों से सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की है। अगले 48 घंटे इस तूफान के प्रभाव को लेकर बेहद अहम माने जा रहे हैं।
इन राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
चक्रवाती तूफान “मोंथा” का असर अगले कुछ दिनों में कई राज्यों में महसूस होगा। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है। आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी (यानम) में बहुत तेज बारिश के साथ 100 किमी/घंटा तक की हवाएं चलने की संभावना है। समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं, बाढ़ और पेड़ गिरने का खतरा बना रहेगा। ओडिशा में 28 से 30 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। तटीय जिलों में 70 किमी/घंटा तक की तेज हवाएं चल सकती हैं।
इसके अलावा पश्चिम बंगाल में 28-29 अक्टूबर को तटीय इलाकों में मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं का असर रहेगा। तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में 28-29 अक्टूबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिण छत्तीसगढ़ में 20 सेमी तक बारिश हो सकती है। बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 29-31 अक्टूबर के बीच तेज बारिश का अनुमान है। इसी तरह केरल, कोंकण, गोवा और गुजरात के तटीय इलाके में 28-30 अक्टूबर तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही तेज हवाएं चलेगी।
तेज हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरों का अलर्ट
चक्रवाती तूफान मोंथा के कारण बंगाल की खाड़ी में हवाओं की रफ्तार 100-110 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। आंध्र प्रदेश के तट पर हवाएं 80-90 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलेंगी, जबकि ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तट पर यह 60-70 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती हैं। समुद्र में ऊंची लहरें उठेंगी और “स्टॉर्म सर्ज” के कारण पानी का स्तर लगभग 1 मीटर तक बढ़ सकता है। तटीय क्षेत्रों के निचले हिस्सों में समुद्र का पानी अंदर तक घुस सकता है, खासकर आंध्र प्रदेश और यानम में। इस वजह से नाविकों, मछुआरों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
संभावित नुकसान
संभावित नुकसान में तेज हवाओं के झोंकों से छप्पर और टिन की छतें उड़ सकती हैं, पेड़ और बिजली के खंभे गिर सकते हैं। केले, पपीते और धान जैसी फसलों को भी नुकसान होने की आशंका है। निचले इलाकों में पानी भरने और सड़कों पर जाम की स्थिति बन सकती है, साथ ही बिजली और मोबाइल नेटवर्क में बाधा आ सकती है।
IMD के अनुसार, 28 अक्टूबर की सुबह चक्रवाती तूफान मोंथा की हवाओं की रफ्तार 90–110 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहने की संभावना है, वहीं उसी दिन शाम तक यह 95–105 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है और तूफान Severe Cyclonic Storm की श्रेणी में रहेगा। 29 अक्टूबर की सुबह तूफान की गति घटकर 70–80 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी और यह Cyclonic Storm की स्थिति में रहेगा। 30 अक्टूबर तक तूफान कमजोर होकर Low Pressure क्षेत्र में बदल जाएगा, जिसमें हवाओं की रफ्तार केवल 25–45 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने मौसमी गतिविधियों और चक्रवाती तूफान मोंथा को देखते हुए मछुआरों को समुद्र से किनारे रहने की सलाह दी है। इसके अलावा बिजली चमकने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक सामान बंद रखने और पेड़ या खंभों के नीचे न खड़े होने की चेतावनी भी दी गई है। तेज हवाओं और भारी बारिश को देखते हुए स्थानीय लोगों को घरों में सुरक्षित रहने और बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। पानी भरे रास्तों और पुलों से वाहन चलाने से भी मना किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं, और प्रशासन ने राहत दल को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। चक्रवात मोंथा के असर से देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बिगड़ चुका है, इसलिए लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और अफवाहों से बचें।





