back to top
28.8 C
New Delhi
Monday, April 6, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

राष्ट्रपति की राज्यपालों के साथ बैठक में सीओपी26 लक्ष्यों, हर घर जल योजना पर चर्चा

नई दिल्ली, 12 नवंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने राज्यपालों से उनकी तैनाती वाले राज्यों में मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक की भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने गुरुवार को कहा कि लोगों में जागरूकता पैदा करने में उनकी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। राष्ट्रीय लक्ष्यों के बारे में और जनता की भागीदारी सुनिश्चित करना। यहां राष्ट्रपति भवन में राज्यपालों, उपराज्यपालों और प्रशासकों के 51वें सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा, आपको राज्य में ज्यादा से ज्यादा समय बिताना चाहिए और इस प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए लोगों के साथ संपर्क बनाए रखना चाहिए। राष्ट्रपति भवन से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है, एक दिवसीय सम्मेलन में उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भाग लिया और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संचालन किया। महामारी के कारण दो साल के अंतराल के बाद राज्यपालों का सम्मेलन व्यक्तिगत रूप से हो रहा था। राज्यपालों का पहला सम्मेलन 1949 में राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया गया था, और इसकी अध्यक्षता भारत के तत्कालीन गवर्नर जनरल सी. राजगोपालाचारी ने की थी। ब्रिटेन के ग्लासगो में चल रहे जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (सीओपी26) के 26वें वार्षिक शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने कई वैश्विक मुद्दों पर विश्व समुदाय के सामने अपनी प्रतिबद्धता और क्षमता दिखाई है और एकमात्र प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है, जिसने पेरिस प्रतिबद्धता पर ठोस प्रगति की है। उन्होंने विशेष रूप से हर घर, नल से जल को एक अविश्वसनीय रूप से सफल कार्यक्रम के रूप में संदर्भित किया, जिसने लोगों के जीवन को बदल दिया और राज्यपालों से शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी संगठनों और गैर सरकारी संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में मदद करने का आग्रह किया। राष्ट्रपति ने अनुसूचित जनजातियों के बहुल क्षेत्रों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों के विकास में राज्यपालों की विशेष संवैधानिक भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि इन आदिवासी लोगों की प्रगति में योगदान देकर वे देश के समावेशी विकास में अपनी भूमिका निभा सकते हैं। दिनभर चले इस सम्मेलन में सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने राज्यों में हुई प्रगति के बारे में बताया। अधिकांश राज्यों ने केंद्र की मदद से महामारी से निपटने के प्रभावी तरीके पर चर्चा की। पांच राज्यों – गुजरात, असम, उत्तर प्रदेश, झारखंड और तेलंगाना के अलावा केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख ने अपने सर्वोत्तम शासन प्रथाओं पर अलग-अलग प्रस्तुतियां दीं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि जैविक खेती पर गुजरात का जोर और उत्तर प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने और तपेदिक के उन्मूलन के लिए विशेष प्रयास रिपोर्टो में पाए गए हैं। –आईएएनएस एसजीके

Advertisementspot_img

Also Read:

पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा में भगवान बलभद्र के रथ के मोड़ पर अटकने से मची भगदड़, 600 से ज्यादा श्रद्धालु हुए घायल

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क।  महाप्रभु जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथ यात्रा के दौरान इस साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचे। लेकिन रथ खींचने के दौरान अव्यवस्था...
spot_img

Latest Stories

Share Market Today: हरे निशान पर खुला बाजार मिनटों में हुआ लाल, Sensex 300 अंक से ज्यादा टूटा, Nifty भी फिसला

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार...

Upcoming Smartphones: आज स्मार्टफोन मार्केट में बड़ा धमाका, OnePlus Nord 6 से लेकर Oppo Find X9 Ultra तक कई फोन होंगे लॉन्च

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अप्रैल 2026 स्मार्टफोन बाजार के लिए...

इस फिल्म ने बदल दी Rashmika Mandanna की किस्मत, अब Cocktail 2 में नजर आएंगी एक्ट्रेस

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। रश्मिका मंदाना (Rashmika Mandanna) ने...

Vastu Tips: सोमवार को करें ये वास्तु उपाय, भोलेनाथ की कृपा से बदलेगा भाग्य

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। सोमवार का दिन भोलेनाथ का...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵