नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। राहुल गांधी ने 27 जून 2024 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। इस दौरान राहुल गांधी के साथ इंडिया गठबंधन के कई नेता भी मौजूद थे। वहीं कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा आपातकाल पर दिए गए प्रस्ताव पर अपनी नाराजगी जताई। इस सन्दर्भ में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी दलगत राजनीति से ऊपर है। माननीय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 26 जून 2024 को राजनीतिक टिप्पणियों के साथ जो(आपातकाल को लेकर) कहा, वह संसदीय परंपराओं का उपहास है।
लोकसभा अध्यक्ष के रूप में राजनीतिक संदर्भ देना संसद के इतिहास में अभूतपूर्व
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसको लेकर कहा कि यह पूरी तरह से राजनीतिक था, जिसको टाला जा सकता था। वहीं कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ राहुल गांधी की मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया। वहीं कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष का लोकसभा में आपातकाल के मुद्दे को उठाने को लेकर ओम बिरला को एक पत्र लिखा है। केसी वेणुगोपाल ने अपने इस पत्र के माध्यम से लिखा कि “26 जून 2024 को आपको चुनाव में लोकसभा अध्यक्ष के रूप में चुने जाने के बाद बधाई देते समय सदन में सामान्य सौहार्द था।
हालांकि, उसके बाद जो हुआ आपके आधी सदी पहले आपातकाल की घोषणा के संबंध में दिए गए भाषण वो भी लोकसभा अध्यक्ष के रूप में काफी चौकानें वाला था। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के रूप में राजनीतिक संदर्भ देना संसद के इतिहास में अभूतपूर्व है।
केसी वेणुगोपाल ने ओम बिरला को पत्र लिखा
दरअसल ओम बिरला ने लोकसभा अध्यक्ष का पद संभालते ही कांग्रेस को आपातकाल को लेकर घेरा था। उन्होंने आपातकाल के समय हुए अत्याचार को खुलकर लोकसभा में अपने भाषण के माध्यम से रखा था। जिसके बाद ओम बिरला ने आपातकाल को लेकर दो मिनट का मौन भी रखा था। जिसके बाद विपक्ष ओम बिरला से नाराज हो गया था। विपक्ष का कहना है कि लोकसभा अध्यक्ष का इस तरह से राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा करना ठीक नहीं है। इसी बात से नाराज होकर कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने ओम बिरला के साथ शिष्टाचार भेंट की है और केसी वेणुगोपाल ने ओम बिरला को पत्र लिखा है।
अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in




