नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गर्मी आ गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अखिलेश ने कहा कि प्रयागराज में हुए महाकुंभ मेले को भाजपा ने राजनीतिक मकसद के लिए इस्तेमाल किया और वहां भगदड़ की घटना के पीछे सरकार की लापरवाही जिम्मेदार है।
महाकुंभ बना ‘राजनीतिक कुंभ’?
अखिलेश यादव का कहना है कि इस बार का महाकुंभ एक धार्मिक आयोजन कम और राजनीतिक कार्यक्रम ज्यादा था। उन्होंने दावा किया कि भाजपा योगी आदित्यनाथ को देश का अगला प्रधानमंत्री घोषित करने की योजना बना रही थी, और इसी वजह से मेले का राजनीतिकरण किया गया। प्रयागराज में 29 जनवरी को हुए भगदड़ की घटना में कम से कम 30 लोगों की मौत हुई और दर्जनों घायल हो गए। इस घटना के बाद देशभर में गुस्सा देखा गया। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भगदड़ रोकने में प्रशासन पूरी तरह विफल रहा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा इंतजाम, जैसे ड्रोन और CCTV कैमरे या तो बंद थे या खराब।
‘सरकार ने सच्चाई छुपाई’ – अखिलेश यादव
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार ने ना केवल मृतकों की संख्या कम बताई, बल्कि शोक संतप्त परिवारों पर दबाव डाला कि वे मृत्यु प्रमाण पत्र में बदलाव करें। उन्होंने कहा, “जो लोग वहां मौजूद थे, उन्होंने अपनी आंखों से देखा कि क्या हुआ था। सरकार ने सच्चाई छुपाने की कोशिश की।”
2027 में सत्ता में आए तो जांच कराएंगे – सपा
अखिलेश यादव ने वादा किया कि अगर समाजवादी पार्टी 2027 में सत्ता में आती है, तो महाकुंभ में हुई लापरवाही की पूरी जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि आने वाले महाकुंभ का प्रबंधन सेना को सौंपा जाए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। भाजपा ने अखिलेश यादव के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्ष झूठ फैलाकर लोगों को गुमराह कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि भगदड़ एक साजिश का हिस्सा थी और इसके पीछे जो भी लोग हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




