नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बरेली में जुमे की नमाज़ के बाद बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के बाहर जुटे और हिंसा भड़क गई। भीड़ ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग की, साथ ही तोड़फोड़ भी की। यह बवाल ‘आई लव मोहम्मद’ अभियान को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन के बाद हुआ। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने इस मामले में अब तक 10 एफआईआर दर्ज की हैं। जिनमें 1700 अज्ञात और कई नामजद आरोपी शामिल हैं, अब तक 39 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
CM योगी का सख्त संदेश – न कर्फ्यू लगेगा, न नाकाबंदी
लखनऊ में ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने बरेली हिंसा पर कड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा,“कल बरेली में एक मौलाना भूल गया कि राज्य में सत्ता किसकी है। उसे लगा कि जब चाहे व्यवस्था रोक देगा। लेकिन हमने साफ कर दिया कि न तो कर्फ्यू लगेगा और न नाकाबंदी होगी। दंगा करने वालों को ऐसा सबक सिखाया है कि आने वाली पीढ़ियाँ भी याद रखेंगी।
“माफियाओं के कुत्तों से हाथ मिलाती थी पुरानी सत्ता”
सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास बुलाकर सम्मानित किया जाता था। उन्होंने तंज कसा सत्ता का मुखिया एक माफिया के कुत्ते से हाथ मिलाकर गर्व महसूस करता था। ऐसे लोग यूपी के लोगों को सुरक्षित कैसे कर सकते थे? हर जिले में उन्होंने एक माफिया दे दिया था।
”बुलडोजर उन्हीं के लिए बना है”
योगी ने कहा कि जो लोग जाति और धर्म के नाम पर लोगों को भड़काते हैं, उन्हीं के लिए बुलडोजर चलाया जाएगा,“हमने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ दिया है, लेकिन पुराने शासकों ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ दिया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2016-17 में यूपी की जीएसडीपी 12.75 लाख करोड़ थी और प्रति व्यक्ति आय औसतन 43 हजार रुपये थी। अब आठ साल में इसे बढ़ाकर 35 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाया जा रहा है। मौलाना तौकीर रज़ा को पहले हाउस अरेस्ट किया गया, बाद में पूछताछ के लिए अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। उनके और समर्थकों के मोबाइल फोन की जांच की जा रही है। पुलिस जल्द ही उनकी औपचारिक गिरफ्तारी दिखा सकती है। अब तक 39 गिरफ्तारी और 10 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में दंगे या उपद्रव बर्दाश्त नहीं होंगे और हर नागरिक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।




