नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। असम के धुबरी जिले में हाल ही में एक मंदिर में गोमांस फेंके जाने की घटना सामने आई है, जिससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया। यह घटना बकरीद से ठीक पहले हुई, जिसके बाद सांप्रदायिक तनाव भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस घटना को “घृणित और निंदनीय अपराध” बताया और कहा कि जो लोग मंदिरों को निशाना बना रहे हैं, उनके खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने पुलिस को स्पष्ट आदेश दिया है कि अगर कोई इस तरह की अवैध हरकत करते हुए दिखे, तो उसे तुरंत गोली मार दी जाए।
“ज़रूरत पड़ी तो मैं खुद मंदिर में पहरा दूंगा” – सीएम सरमा
सीएम ने कहा, “अगर जरूरत पड़ी तो मैं रात को खुद हनुमान मंदिर में पहरेदारी करूंगा।” उन्होंने बताया कि धुबरी में एक नया गोमांस माफिया सक्रिय हुआ है, जिसने हजारों पशुओं की खरीद की है। इस पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और अपराधियों को जल्द ही सलाखों के पीछे डाला जाएगा।
मंदिर के बाहर प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
यह घटना 8 जून को सामने आई थी, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को आंसू गैस के गोले और हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। मुख्यमंत्री सरमा ने दावा किया कि हाल ही में राजनीतिक बदलावों के बाद एक विशेष वर्ग ऑनलाइन और ज़मीनी स्तर पर सक्रिय हो गया है। ये लोग राज्य में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जैसे कि मंदिर में गोमांस फेंकने की घटना।
“सांप्रदायिक ताकतों को नहीं छोड़ा जाएगा”
सीएम सरमा ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि मंदिरों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और ऐसी घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा, “हम कानून व्यवस्था बनाए रखने और सांप्रदायिक ताकतों को हराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। धुबरी की यह घटना न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करती है, बल्कि सामाजिक सौहार्द पर भी सवाल खड़े करती है। मुख्यमंत्री के सख्त रुख से साफ है कि राज्य सरकार इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों पर सीधी और सख्त कार्रवाई की जाएगी।





