नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स एक्ट मामले में केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने सरकार की स्थगन की मांग खारिज करते हुए मामले की त्वरित सुनवाई पर जोर दिया। न्यायालय ने समय पर निर्णय लेने की आवश्यकता पर भी सख्त रुख अपनाया।
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स एक्ट मामले में केंद्र सरकार पर फिर कड़ी नाराज़गी जताई है। CJI बीआर गवई ने स्थगन की मांग खारिज करते हुए कहा, “लगता है सरकार मौजूदा पीठ से बचना चाह रही है।” इससे पहले भी बड़े बेंच के पास भेजने के अनुरोध पर सरकार पर सवाल उठाए गए थे।
सुप्रीम कोर्ट में ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स एक्ट मामले में अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने स्थगन की मांग की। एएसजी ऐश्वर्या भाटी के माध्यम से यह अनुरोध पेश किया गया, जिस पर CJI बीआर गवई ने सवाल उठाया कि क्या सरकार उनके रिटायरमेंट तक सुनवाई टालना चाहती है।
केंद्र के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख
सुप्रीम कोर्ट में CJI बीआर गवई ने केंद्र सरकार पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “हम दो बार आपकी बात मान चुके हैं। हर बार मध्यस्थता के लिए सुविधा मांगी जाती है। आधी रात को बड़ी बेंच की मांग दाखिल करना न्याय के साथ अन्याय है।”
CJI बीआर गवई ने कहा कि न्यायालय ने हमेशा शीर्ष संवैधानिक अदालत का सम्मान किया है। “हाईकोर्ट में जैसे ब्रीफ छोड़ते थे, उसी प्रकार हम यहां भी आते हैं। कल हमने कोई और मामला नहीं लिया और सोचा था कि सुनवाई करेंगे तथा वीकेंड पर फैसला लिख देंगे।”
मामले में पहले भी भड़क चुका है कोर्ट
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स एक्ट, 2021 से जुड़ी याचिकाओं को बड़ी पीठ के पास भेजने के केंद्र के अनुरोध को ठुकरा दिया। अदालत ने कहा कि अंतिम सुनवाई के आखिरी चरण में सरकार से इस तरह की मांग की उम्मीद नहीं थी और मामले में त्वरित निर्णय आवश्यक है।
CJI बीआर गवई और जस्टिस विनोद चंद्रन की बेंच ने केंद्र सरकार की नाराजगी जताई कि वह ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स एक्ट मामले को पांच न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ के पास भेजना चाहती है। अदालत ने कहा कि मुख्य याचिकाकर्ता मद्रास बार एसोसिएशन समेत अन्य याचिकाकर्ताओं की अंतिम दलीलें पहले ही सुन ली जा चुकी हैं।
हम केंद्र से ऐसी तरकीब की उम्मीद नहीं करते- कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा, “पिछली सुनवाई पर आपने ये आपत्तियां नहीं उठाईं और निजी कारणों से स्थगन का अनुरोध किया। पूरे सुनवाई के बाद अब आप ये आपत्तियां नहीं उठा सकते। हम केंद्र सरकार से ऐसी तरकीब की उम्मीद नहीं करते।”
नाराज CJI बीआर गवई ने कहा, “हमने एक पक्ष की पूरी दलील सुन ली है और अटॉर्नी जनरल को निजी कारणों से छूट दी गई।” उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा लगता है केंद्र सरकार मौजूदा पीठ से बचना चाहती है। CJI गवई 23 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।





