नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बुंदेलखंड के महोबा जिले में भीषण गर्मी के साथ ही पानी का बड़ा संकट सामने आ गया है। जिले के कबरई कस्बे में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं, जहां करीब 40 हजार लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। महोबा में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। तेज गर्मी के बीच अब पानी का संकट भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। कबरई कस्बे के कई मोहल्लों में लोगों को घंटों पानी की लाइन में लगना पड़ रहा है।
टैंकर आते ही मच जाती है होड़, 2-3 मिनट में हो जाता है खाली
नगर पंचायत की ओर से पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं, लेकिन ये टैंकर जरूरत के मुकाबले काफी कम हैं। जैसे ही टैंकर मोहल्लों में पहुंचते हैं, लोग टूट पड़ते हैं और कुछ ही मिनटों में टैंकर खाली हो जाता है। कई बार तो पानी के लिए लोगों के बीच झगड़े तक हो जाते हैं।
इन मोहल्लों में सबसे बुरे हालात
कबरई के आजाद नगर, इंद्रा नगर, राजेंद्र नगर, सुभाष नगर, भगत सिंह नगर, जवाहर नगर और विशाल नगर में हालत सबसे ज्यादा खराब है। यहां के लोग रोज़ाना पानी के लिए जंग जैसी स्थिति झेल रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी की कमी के कारण रिश्तों पर भी असर पड़ रहा है। जब कोई लड़की वालों को पानी की सच्चाई पता चलती है तो वे रिश्ता ही नहीं करना चाहते।
पाइपलाइन और टंकी बनी, लेकिन अभी तक चालू नहीं
कबरई में कलशाह बाबा धाम के पास एक पानी की टंकी और पाइपलाइन तैयार की गई है, लेकिन उसे अब तक चालू नहीं किया गया है। नलों में पानी नहीं आ रहा और लोग जनप्रतिनिधियों से लगातार गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस हल नहीं निकल रहा। पानी की किल्लत ने लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है। मजदूर पानी भरने के लिए अपना काम छोड़ने को मजबूर हैं और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
पानी का संकट नहीं सिर्फ कबरई की कहानी, बुंदेलखंड की हकीकत है
इस मामले में उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि कबरई में पानी की समस्या को दूर करने के लिए लगातार काम चल रहा है। अस्थायी रूप से टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है और बहुत जल्द नई टंकी व पाइपलाइन के जरिए पानी की आपूर्ति शुरू की जाएगी। महोबा की यह स्थिति पूरे बुंदेलखंड के जल प्रबंधन पर सवाल खड़े करती है। अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो आने वाले समय में हालात और भी खराब हो सकते हैं।




