नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। BRS नेता के.कविता को दिल्ली शराब घोटाला मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने के.कविता की जमानत याचिका को खारिज कर दिया हैं। ये जमानत याचिकाएं CBI और ED मामलों में दाखिल की गई थी, जिन्हें हाईकोर्ट ने आज खारिज कर दिया है।
जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की एकल जज पीठ ने सुनाया फैसला
के.कविता की ईडी और सीबीआई मामले में दाखिल जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की एकल जज पीठ ने फैसला सुनाया हैं। फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने के. कविता की याचिकाओं को खारिज कर दिया। बता दें कि जस्टिस शर्मा ने 28 मई को सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
ED और CBI ने इस याचिका का किया विरोध
आपको बता दें कि हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई और ईडी ने के. कविता की जमानत याचिका का विरोध किया था। सीबीआई और ईडी ने याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि उन्होंने ‘घोटाले’ के पीछे की साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बीआरएस में सक्रिय नेता और तेलंगाना विधान परिषद की सदस्य होने के नाते वह ‘कमजोर’ महिलाओं के साथ समानता की मांग नहीं कर सकती हैं। एजेंसी ने आगे कहा कि के. कविता अपने रसूख और पद के चलते जमानत पर बाहर रहते हुए सबूतों से छेड़छाड़ करने और गवाहों को प्रभावित कर सकती है।
BRS की दायर याचिका में क्या था?
गौरतलब है कि भारत राष्ट्र समिति (BRS) द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि केंद्र सरकार के सदस्यों और ईडी-सीबीआई की मिलीभगत से उनके खिलाफ साजिश ये रची गई है। आगे उन्होंने कहा कि उनकी इस घोटाले में संलिप्तता का कोई भी तथ्य अभी तक नहीं मिला है। जांच एजेंसियों की जांच में समझौता किया गया है और ये सब राजनीतिक मंसूबों के तहत किया जा रहा है।
ईडी ने के. कविता को हैदराबाद से किया था गिरफ्तार
आपको बता दें कि ईडी ने के. कविता को हैदराबाद में उनके पिता चंद्रशेखर राव के आवास से लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। उनके उपर दिल्ली शराब घोटाले में अहम साउथ ग्रुप का हिस्सा होने का आरोप लगा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस लॉबी ने कथित तौर पर अपनी व्यावसायिक जरूरतों के अनुसार दिल्ली सरकार की शराब नीति में बदलाव करने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार को 100 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।
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