नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बांग्लादेश में शेख हसीना का युग खत्म होने के बाद प्रो. यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने अपना समर्थन दिया है। सत्ता में आते ही भारत विरोधी रुख की पहचान रखने वाले BNP ने भारत को फिर से धमकी देना शुरू कर दिया है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने भारत से मांग की है बांग्लादेश के पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को प्रत्यार्पित करे।
BNP उन निवेशों की रक्षा करेगी जो बांग्लादेश के लिए मददगार हैं- आलमगीर
द हिंदू से बातचीत में आलमगीर, भारत के साथ सहयोग की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी उन भारतीय निवेशों की रक्षा करेगी जो हमारे देश के लिए मददगार साबित हो रहे हैं। वहीं उन्होंने शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर कहा कि शेख हसीना के खिलाफ बांग्लादेश में हत्या के कई मामले दर्ज हैं। भारत को बांग्लादेश की जनता के मूड का संज्ञान लेना चाहिये। आलमगीर आगे कहते हैं कि भारत को हसीना से जवाबदेही हासिल करने में बांग्लादेश की मदद करनी चाहिये, उन्होंने बांग्लादेश को बहुत नुकसान पहुंचाया है।
बता दें कि, आलमगीर BNP के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। शेख हसीना की सरकार ने उन्हें 29 अक्टूबर 2023 को जेल में डाल दिया और लगभग साढ़े 4 महीने बाद जनवरी में जेल से रिहा किया।
अडानी समझौते ने संदेह को दिया जन्म
BNP महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा कि BNP, भारत और बांग्लादेश के बीच साइन हुए ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र की महंगी परियोजनाओं की जांच करेगी। उन्होंने कहा कि हम भारत के साथ हुए उन समझौतों की रक्षा करेंगे जिनसे बांग्लादेश को मदद मिली है। लेकिन कुछ परियोजनाओं में हमें संदेह है। जिसमें अडानी के साथ बिजली व्यापार के बारे में हुआ समझौता शामिल है। अडानी समझौते ने बांग्लादेश के लोगों के बीच संदेह को जन्म दिया है।
भारत ने सभी फलों को एक ही टोकरी में रखा
इस दौरान उन्होंने भारत पर भी परोक्ष रूप से हमला बोला। उन्होंने कहा कि “BNP ने 2024 के चुनाव से पहले कई मौकों पर भारत से संपर्क किया था, लेकिन किसी ने उनसे रिश्ते रखने में इच्छा नहीं जताई। भारत ने अपने सभी फलों को एक ही टोकरी में रखा था, इसी वजह से हमारी पहल कारगर नहीं हो पाई। हमें भारत के साथ संबंधों को तेज गति से फिर से शुरू करने की जरूरत है।”





