नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । पहलगाम में आतंकवादी हमले में 26 लोगों के मारे जाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। इस हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। इस बीच ऑपरेशन सिंदूर के तहत इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर की सीमा पर लगातार हमले जारी रखे। भारतीय सेना ने भी इन हमलों का कड़ा जवाब दिया।
इन सभी घटनाक्रमों के बीच, दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच वार्ता के बाद 10 मई को युद्धविराम की घोषणा की गई। हालांकि, युद्ध विराम की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर पाकिस्तान ने सीमा पर कुछ इलाकों में गोलीबारी शुरू कर दी। इस बीच सोमवार रात जम्मू के कुछ इलाकों में फिर एक संदिग्ध ड्रोन देखा गया। भारतीय सेना ने बताया है कि सोमवार (12 मई) रात जम्मू-कश्मीर के सांबा के पास कुछ संदिग्ध ड्रोन देखे गए। यह भी कहा गया कि पकड़े गए ड्रोनों की संख्या कम थी और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं थी।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस समय सांबा में ब्लैकआउट घोषित कर दिया गया है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि कनाचक, परगवाल और केरी बट्टल इलाकों में सीमा पार से गोलीबारी शुरू होने के बाद जम्मू के अखनूर में भी ब्लैकआउट लगा दिया गया है। इस समय, पंजाब के अमृतसर और होशियारपुर में भी प्राधिकारियों ने ब्लैकआउट लागू करने के आदेश जारी किये। उन्होंने बताया कि हमें अलर्ट मिला और प्रोटोकॉल तथा एहतियात के तौर पर हमने ब्लैकआउट कर दिया है। घबराने की कोई जरूरत नहीं है। अमृतसर के जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि नागरिकों को घर के अंदर रहने के लिए कहा गया है
होशियारपुर की डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने एक वीडियो संदेश में कहा कि मुकेरियां और दसूहा सब डिवीजनों में पूरी तरह से ब्लैकआउट हो गया है और इन इलाकों में बिजली की आपूर्ति भी फिलहाल बंद कर दी गई है। जैन ने कहा कि ये सावधानियां सेना द्वारा दी गई सलाह के अनुसार बरती जा रही हैं।





