नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 19 दिसंबर 2024 को संसद के शीतकालीन सत्र के खत्म होने से एक दिन पहले मकर द्वार पर राहुल गांधी और BJP सांसदों के बीच धक्का-मुक्की हुई थी जिसमें ओडिसा से सांसद प्रताप सारंगी और फरुक्खाबाद से सांसद मुकेश राजपूत चोटिल हो गए थे। इस घटना के बाद दोनों सांसदों को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था। आज 4 दिन बाद 23 दिसंबर को उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल से छुट्टी मिल गई है हालांकि उन्हें अभी भी डॉक्टरों की निगरानी में रहना होगा जिसके लिए उन्हें नोएडा के कैलाश अस्पताल भेज दिया गया।
राहुल गांधी पर लगा था धक्का देने का आरोप
यह पूरा मामला उस समय शुरु हुआ जब सदन की कार्यवाई में हिस्सा लेने राहुल गांधी समेत तमाम विपक्षी सांसद संसद पहुंते थे। संसद को मकर द्वार पर पक्ष और विपक्ष के सांसद आमने सामने आ गए और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान बीजेपी के सांसदों ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया है जिसकी वजह से उनके दो सांसद चोटिल हो गए हैं। राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे इन आरोपों को नकारा और बीजेपी के सांसदों पर मल्लिकार्जुन खड़गे से धक्का-मुक्की करने का आरोप लगा दिया। राहुल गांधी ने यह आरोप भी लगाया कि मुद्दे से भटकाने के लिए इस मुद्दे को तूल दिया जा रहा है।
दोनों दलों ने शिकायत की थी
इस घटना के तुरंत बाद बीजेपी की ओर से अनुराग ठाकुर और बांसुरी स्वराज ने संसद मार्ग थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई थी जबकि कांग्रेस ने भी पुलिस स्टेशन जाकर बीजेपी के सांसदों पर धक्का-मुक्की और डंडे लेकर संसद में आने के खिलाफ शिकायत दी थी। इसके अलावा नागालैंड से सांसद फांगनोक कोन्याक ने राज्यसभा में राहुल गांधी पर आरोप लगया कि “वह मेरे बेहद नजदीक आ गए थे जिसके बाद मैं सहज हो गई थी।” कांग्रेस ने भी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर इस मामले की निष्पक्ष जांच करने की अपील की है।





