back to top
27.1 C
New Delhi
Wednesday, March 11, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Atishi Oath Ceremony LIVE: आतिशी बनीं दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री, 5 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ

अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद दिल्ली को आज आतिशी के रूप में नया मुख्यमंत्री मिल गया है। आतिशी ने उपराज्यपाल सचिवालय में दिल्ली सीएम पद की शपथ ली।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद दिल्ली को आज आतिशी के रूप में नया मुख्यमंत्री मिल गया है। आतिशी ने उपराज्यपाल सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लीं। आतिशी के साथ 5 विधायकों ने भी कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली।

बता दें कि, केजरीवाल के इस्तीफे के बाद आतिशी को आम आदमी पार्टी विधायक दल का नेता चुना गया था। आतिशी दिल्ली की कुर्सी पर बैठने वाली तीसरी महिला मुख्यमंत्री बन गई हैं। उनसे पहले बीजेपी की सुषमा स्वराज और कांग्रेस की शीला दीक्षित ने दिल्ली की कमान संभाली थी।

आतिशी के साथ 5 विधायकों ने भी कैबिनेट मंत्री पद की ली शपथ

आतिशी ने दिल्ली मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली हैं। आतिशी के साथ आप के वरिष्ठ नेता व विधायक गोपाल राय, सौरभ भारद्वाज, कैलाश गहलोत, इमरान हुसैन और मुकेश अहलावत भी आतिशी के साथ मंत्री पद की शपथ ले रहे हैं।

अरविंद केजरीवाल को क्यों छोड़नी पड़ी कुर्सी

कथित दिल्ली शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के बाद अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सीएम की कुर्सी छोड़ दी थी। आइये बताते हैं कि आखिर अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सीएम पद से इस्तीफा देकर क्या दांव खेला था?

अपनी कट्टर ईमानदार छवि को बचाने का प्रयास

अरविंद केजरीवाल के दिल्ली मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का सबसे बड़ा कारण उनकी कट्टर ईमानदार छवि को बचाना था। ताकि आगे आने वाले हरियाणा विधानसभा फिर अगले साल दिल्ली विधानसभा चुनाव में इसका फायदा उठाया जा सके। साल 2015 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप को केजरीवाल की ईमानदार वाली छवि पर ही 70 में से 67 सीटें मिल पाई थी। कथित शराब घोटाला मामले में जेल जाने के चलते कहीं ना कहीं अरविंद केजरीवाल की ईमानदार वाली छवि पर असर पड़ा है। 

अदालत ने बांध दिए थे हाथ-पैर

राजनीतिक जानकार बताते हैं कि केजरीवाल ने सोची-समझी रणनीति के तहत दिल्ली सीएम पद से इस्तीफा दिया था। उसका सबसे बड़ा कारण सुप्रीम कोर्ट का सशर्त जमानत है। जिसमें ना तो वो किसी फाइल पर दस्तखत कर सकते हैं और ना ही सीएम ऑफिस में जाकर कोई काम कर सकते हैं। अदालत ने एक तरह से उनके हाथ-पैर बांध दिए थे। जिसकी वजह से उन्होंने इस्तीफा देना जरूरी समझा।

आतिशी को क्यों चुना

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि अरविंद केजरीवाल ने आतिशी को ही अपना उत्तराधिकारी इसलिए चुना क्योंकि वो एक महिला होने के साथ-साथ केजरीवाल के प्रति काफी वफादार रही हैं। केजरीवाल और आतिशी के बीच की नजदीकी का पता इस बात से चलता है कि 15 अगस्त को केजरीवाल ने जेल से ही आदेश दिया था कि उनकी गैर-मौजूदगी में पार्टी मुख्यालय में आतिशी झंडा पहराएंगी। इससे पहले कई मौकों पर वो आतिशी को फ्रंट पर रख चुके हैं। 

Advertisementspot_img

Also Read:

दिल्ली में पीने के पानी की गुणवत्ता पर बड़ा संकट, CAG रिपोर्ट में भारी चूक उजागर, जांच में 55 फीसदी सैंपल फेल

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । दिल्ली में लोगों को मिलने वाले पीने के पानी की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं। भारत के...
spot_img

Latest Stories

आज OTT पर लगेगा क्राइम पॉलीटिकल फिल्मों का ड्रामा, जानिए रिलीज होगी कौन सी फिल्म और सीरीज?

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हर महीने...

Share Market: शेयर बाजार के लड़खड़ाए कदम, 435 अंक गिरा Sensex; Nifty भी 110 अंक नीचे

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को...

दिल्ली-NCR में अचानक क्यों छाई धुंध? तेज गर्मी के बीच बदला मौसम का मिजाज, जानिए वजह

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। Delhi और आसपास के एनसीआर इलाकों...

बोल्ड सीन करके मिली पहचान, फिल्मों से ज्यादा विवादों में रहा इस एक्ट्रेस का नाम

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। फिल्म जगत में बोल्डनेस और...

क्या आप भी फटे होंठ से हो गई हैं परेशान? तो घर बैठे घर बैठे ही करें इसका उपाय

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज के समय में प्रदूषण,...

Vastu Tips: घर में नहीं रूक रहा धन, हरी इलायची से करें खास उपाय

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हर व्यक्ति चाहता है कि...