नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आंध्र प्रदेश सरकार ने तिरुपति मंदिर के प्रसाद ‘तिरुपति लड्डू’ को बनाने में प्रयोग किए जाने वाले घी में कथित मिलावट मामले की जांच को लेकर जो SIT गठित की थी, उसने (SIT) अस्थाई रूप से अपनी जांच रोक दी है। आंध्र प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) द्वारका तिरुमाला राव ने 1 अक्टूबर 2024 को इस मामले की जानकारी दी है। DGP द्वारका तिरुमाला राव ने इसका कारण बताते हुए कहा कि अभी यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचारधीन है, इसी कारण SIT की जांच को अस्थाई रूप से रोक दिया गया है।
हमने SIT की जांच को रोक दिया है: DGP
DGP द्वारका तिरुमाला राव ने SIT की आखिरी जांच तक का अपडेट देते हुए कहा कि SIT ने पिछले दो दिनों में घी की खरीद और सैंपल की प्रक्रिया की जांच की है। SIT ने इसके जरिए समझने की कोशिश की है कि तिरुपति मंदिर के लड्डू में मिलावट कैसे संभव है? DGP द्वारका तिरुमाला राव ने मीडिया को जानकारी दी कि SIT को सबसे पहले इस प्रक्रिया को समझना होगा। उसका सही से अध्यन करना होगा और सभी जानकारी एकत्रित करनी होगी। लेकिन इसी बीच सुप्रीम कोर्ट से एक आर्डर आ गया है, जिसका पालन करते हुए हमने SIT की जांच को रोक दिया है।
SC में 3 अक्टूबर को अगली सुनवाई होनी है
DGP द्वारका तिरुमाला राव ने अपनी बात जारी रखते हुए मीडिया से कहा कि जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचारधीन है तो इस विषय में ज्यादा बोलना ठीक नहीं होगा। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 3 अक्टूबर 2024 को अगली सुनवाई होनी है। सुप्रीम कोर्ट कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है, जिसमे तिरुपति मंदिर के लड्डू में पशु की चर्बी के प्रयोग के कथित आरोपों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच वाली याचिकाएं भी शामिल हैं।बता दें कि इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट में 3 अक्टूबर 2024 को सुनवाई होनी है और सुप्रीम कोर्ट के अगले फैसले के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।




