नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मराठी अस्मिता को केंद्र में रखते हुए बड़ा बयान दिया है। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ को दिए गए साक्षात्कार के अंतिम भाग में उन्होंने कहा कि मराठी भाषा, संस्कृति और ‘मराठी मानुष’ के हितों की रक्षा के लिए उनका और MNS अध्यक्ष राज ठाकरे का साथ आना जरूरी है। उद्धव ने यह भी दो टूक कहा कि “अगर किसी को इस एकता से आपत्ति है, तो वह उनकी व्यक्तिगत समस्या है।” यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव नजदीक हैं । ऐसे में यह राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव ला सकता है।
गठबंधन को लेकर कांग्रेस की स्थिति पर क्या बोले उद्धव ठाकरे?
उद्धव ठाकरे ने महा विकास आघाड़ी (MVA) में कांग्रेस की भूमिका पर चर्चा की है। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर गठबंधन के फैसले कांग्रेस की स्थानीय इकाइयों द्वारा लिए जाएंगे। महा विकास आघाड़ी में वर्तमान में कांग्रेस, शिवसेना (UBT) और शरद पवार वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शामिल हैं। ठाकरे ने मीडिया को दिए बयान में कहा, “हर दल की अपनी स्थानीय इकाई होती है, जो अपनी राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार उचित निर्णय लेगी।”
मराठी अस्मिता को लेकर ठाकरे बंधु एकजुट
उद्धव ठाकरे ने साफ शब्दों में कहा है कि वे मराठी भाषा, महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत और ‘मराठी मानुष’ के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज ठाकरे के साथ एकजुट होने में यदि किसी को कोई परेशानी है, तो वह उनकी व्यक्तिगत समस्या है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आगामी बीएमसी और अन्य नगर निकाय चुनावों से पहले मराठी मतदाताओं को संगठित करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
मोहन भागवत के बयान पर भी बोले उद्धव ठाकरे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उम्र को लेकर RSS प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान पर उद्धव ठाकरे ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मोदी के उत्तराधिकारी का सवाल बीजेपी का आंतरिक मामला है। उद्धव ने कहा, “हो सकता है कि बीजेपी को इसका जवाब मिल गया हो, इसलिए ही भागवत ने यह बयान दिया।” बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी इस साल सितंबर में 75 वर्ष के हो जाएंगे।




