नई दिल्ली/रफ्तार न्यूजः कन्नौज से सपा सांसद अखिलेश यादव ने लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यूपी में बीजेपी ने सही काम किया होता तो राज्य में उनकी सीटें नहीं घटतीं। अखिलेश ने यूपी में विकास के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि 10 वर्षों में कुछ खास प्रगति नहीं दिखी है। यूपी चुनाव परिणाम बताते हैं कि सरकार ने कितना काम किया है। अगर, सरकार ने अच्छा काम किया होता तो परिणाम अच्छे होते। पीएम मोदी भी यूपी में ज्यादा वोटों से नही जीते।
सरकार बनने के बाद भी चेहरे पर वो खुशी नहीं
अखिलेश ने कहा कि इस सरकार का यह 11वां बजट है। इस बजट के बाद भी नाउम्मीदी ही दिखाई दे रही है। सरकार में हैं ये लोग, इसलिए अच्छी बात करेंगे, बल्कि चेहरों पर सरकार बनने के बाद जो खुशी होनी चाहिए थी, वो नहीं दिखाई दे रही है। बजट में बेरोजगारों, युवाओं और समस्याओं का समाधान नहीं दिखता। महंगाई की समस्या परिवारों को झेलनी पड़ रही हैं। अखिलेश ने कहा, इस बजट में बेरोजगारों, युवाओं के लिए, गांवों के लिए उनकी परेशानी का जो मुद्दा है, वो 9 दो 11 नजर आ रहा है। महंगाई का जो सामना करना पड़ा रहा है, ये बातें परिवार वाले बखूबी जानते हैं। मैं जब सत्ता पक्ष के आंकड़े देखता और सुनता हूं अगर इतना सब कुछ 10 साल में अच्छा हुआ, तो आप हंकर इंडेक्स में कहां खड़े हैं। सत्ता पक्ष की ओर से ये बात आएगी कि हम कहां खड़े हैं। 10 वर्षों में अच्छा काम किया होता, तो हंगर इंडेक्स में हमारी स्थिति बेहतर होती।
10 वर्षों में IIM या IIT नहीं मिला
अखिलेश ने कहा कि यूपी को 10 वर्षों में कोई बड़ा प्रोजेक्ट, IIM या IIT नहीं मिला। उन्होंने जनकपुर से अयोध्या तक एक्सप्रेस वे की मांग की थी। नोएडा में मोबाइल बनाने की पॉलिसी समाजवादी पार्टी की थी, जिससे कंपनियां आईं, न कि मेक इन इंडिया की वजह से। निजीकरण के बाद भी नौकरियां कम हो गईं। पीडीए परिवार को हक और सम्मान नहीं मिल रहा है।
अखिलेश ने ये भी कहा की सपना ये दिखाया गया था कि अगर निजीकरण हो जाएगा तो नौकरी मिल जाएगी। कुछ हद तक निजीकरण हो गया, लेकिन नौकरियां कम हो गई। जो पीडीए परिवार को हक और सम्मान मिलना चाहिए, वो क्या सरकार दे पा रही है? अखिलेश ने बजट और सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा और सरकार की योजनाएं असफल हो रही हैं।
अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:-www.raftaar.in





