नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र में इस साल नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में फिलहाल महायुति गठबंधन की सरकार है। शिवसेना के एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री हैं, बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस और NCP के अजित पवार डिप्टी सीएम हैं। चुनाव से ऐन पहले महाराष्ट्र सरकार राज्य की OBC आबादी को लुभाने की कोशिश में जुट गई है। 10 अक्टूबर को महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में फैसला किया गया कि महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार केंद्र से मांग करेगी कि OBC नॉन क्रीमी लेयर के लिए आय की सीमा को 8 लाख से बढ़ाकर 15 लाख तक कर दिया जाए।
जो लोग क्रीमी लेयर में आते हैं उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं मिलता
आपको बता दें कि आरक्षण के लिए OBC को वर्गों में बांटा जाता है। क्रीमी लेयर और नॉन क्रीमी लेयर। जो लोग क्रीमी लेयर में आते हैं उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं मिलता, उन्हें सामान्य वर्ग में आवेदन करना होता है। वहीं, नॉन क्रीमीलयेर वर्ग में आने वालों को OBC वर्ग को मिलने वाले आरक्षण का लाभ मिलता है। नियमों के मुताबिक, जिस परिवार की सालाना आय 8 लाख या उससे ज्यादा है वो परिवार क्रीमी लेयर में आता है यानी उनको सामान्य वर्ग में गिना जाता है। वहीं, जिनकी आय 8 लाख रुपये से कम है वो आरक्षण के लिए एलिजिबल माने जाते हैं। इस आरक्षण का लाभ लेने के लिए नॉन क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट बनवाना होता है।
महाराष्ट्र की 19 OBC जातियां केंद्रीय सूची में शामिल
आपको बता दें कि महाराष्ट्र की 19 ओबीसी जातियों को केंद्रीय सूची में शामिल कर लिया गया है। महाराष्ट्र कैबिनेट की मीटिंग में राज्य के अनुसूचित जाति आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए एक बिल को भी मंजूरी दी गई है। सीएम एकनाथ शिंदे के ऑफिस की तरफ से जारी किए गए बयान के मुताबिक, इस अध्यादेश को महाराष्ट्र विधानसभा के अगले सत्र में पेश किया जाएगा।
महाराष्ट्र में अगले महीने चुनाव
महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव नवंबर में होना तय माना जा रहा है। इस चुनाव में सत्ता में बैठी महायुती गठबंधन और महाअघाड़ी गठबंधन के बीच मुख्य मुकाबला हो सकता है। महायुती में बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी शामिल हैं। आपको बता दें कि महाराष्ट्र में शिवसेना और NCP के दो-दो हिस्से हो चुके हैं। शिवसेना के एक धड़े का नेतृत्व एकनाथ शिंदे कर रहे हैं, उनके पास शिवसेना का आधिकारिक चुनाव प्रतीक है, वहीं दूसरे धड़े का नेतृत्व उद्धव ठाकरे कर रहे हैं, उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) या Shivsena (UBT) कहा जाता है। इसी तरह नैशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के एक धड़े का नेतृत्व अजित पवार के पास है, इस धड़े के पास NCP का आधिकारिक चुनाव प्रतीक है, वहीं दूसरे धड़े को अब NCP (शरद पवार) कहा जाता है। शिवसेना (उद्धव) और NCP (शरद पवार) महाअघाड़ी का हिस्सा हैं। इसमें कांग्रेस भी शामिल है। हालांकि, हाल ही में सम्पन्न हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद महाअघाड़ी में कांग्रेस के होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।




