नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच में कई अहम पहलू निकलकर सामने आ रहे है। मामले में जांच कर रही जांच एजेंसियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए है। जांच में सामने आया है कि पहलगाम घाटी में निर्मम हत्या के बाद आतंकवादियों ने हवा में गोलियां चालकर जश्न मनाते हुए देखा गया था।
सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, पहलगाम के बैसरन घाटी में हमला करने वाले 3 आतंकियों ने इस निर्मम हत्या के तुरंत बाद हवा में अंधाधुंध गोलियां चलाकर जश्न मनाया था। इस मामले की जांच में एक बड़ी सफलता एक अहम चश्मदीद गवाह से मिली है, जिसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के लिए एक अहम खुफिया स्रोत माना जा रहा है।
जांच एजेंसी को मिले अहम गवाह
ये चश्मदीद गवाह एक स्थानीय सर्विस प्रोवाइडर है, जिसका सामना हमले के तुरंत बाद आतंकवादियों से हुआ था। उसने घटनाक्रम को समझने में मदद करने वाली अहम जानकारी दी है। इस गवाह के माध्यम से जांच एजेंसी इस चेन को पकड़कर उन आरोपियों तक पहुंचा जा सकता है जो पहलगाम आतंकी हमले के सरगना है।
‘स्थानीय लोग संभाल रहे थे आतंकियों का सामान’
चश्मदीद के अनुसार, NIA ने दो स्थानीय लोगों को अरेस्ट किया है, जो आतंकियों को लॉजिस्टिक सहायता देते थे। हमले के दौरान, दोनों स्थानीय बैसरन घाटी में मौजूद थे और कथित तौर पर हमले के वक्त आतंकियों की व्यवस्था संभाल रहे थे। मिली जानकारी के अनुसार, आतंकियों में से एक लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर सुलेमान है जो कि जम्मू-कश्मीर में 3 अन्य आतंकी घटनाओं में वांछित है, जिनमें जेड- मोड़ सुरंग निर्माण एजेंसी पर हुआ हाई-प्रोफाइल हमला शामिल है।
बता दें कि, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने निहत्यों पर्यटकों पर भीषण हमला किया। जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई, मृतकों में ज्यादातर लोग पर्यटक थे। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा की एक विंग, द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी।
इस आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर कई कड़े प्रतिबंध लगाए, और हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया, जिसमें पाकिस्तान के भीतर और पीओके में कई आतंकी ठिकानों का तबाह किया। जहां 100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर किया गया।




