नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क। आम आदमी पार्टी (AAP) की रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो पदयात्रा ने 16 जनवरी को मिर्ज़ापुर से शुरू होकर सातवें और अंतिम दिन वाराणसी में पदयात्रा का तीसरा चरण 22 जनवरी 2026 को वाराणसी में सफलतापूर्वक समापन किया। इस दौरान सात दिनों में यह यात्रा युवाओं, मजदूरों, किसानों, बुनकरों, दलितों, पिछड़ों, महिलाओं और बेरोजगारों के व्यापक समर्थन के साथ आगे बढ़ी। गुरुवार को सारनाथ में दर्शन के साथ पदयात्रा का समापन हुआ, जिसके बाद लाल बहादुर शास्त्री घाट, सिकरौल में विशाल जनसभा आयोजित की गई।
”रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा”
पदयात्रा के अंतिम दिन राज्यसभा सांसद और आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा और संभवतः फरवरी के अंत में चौथे चरण की पदयात्रा की शुरुआत की जाएगी, जिसमें जनता की और भी बड़ी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
”यह संघर्ष केवल एक दिन का नहीं बल्कि भविष्य की लड़ाई है”
सातवें दिन संजय सिंह के नेतृत्व में पदयात्रा दोपहर 12 बजे गोकुल निकुंज बैंक्वेट, हवेलिया चौराहा, सारनाथ से शुरू होकर लगभग डेढ़ किलोमीटर चलने के बाद सारनाथ मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में लोगों ने फूलों की वर्षा, नारों और स्वतःस्फूर्त सहभागिता से पदयात्रा का स्वागत किया। युवाओं के हाथों में रोजगार की मांग वाले पोस्टर थे और बुजुर्ग, महिलाएं व बच्चे भी मौजूद रहे, जिससे यह संदेश गया कि यह संघर्ष केवल एक दिन का नहीं बल्कि भविष्य की लड़ाई है।
विशाल जनसभा को संबोधित किया
सारनाथ मंदिर दर्शन के बाद संजय सिंह लाल बहादुर शास्त्री घाट, सिकरौल, नदेसर, वाराणसी पहुंचे, जहां उन्होंने विशाल जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज की राजनीति में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सड़क, खाद और रोजगार जैसे असली मुद्दों को जानबूझकर हाशिये पर धकेला जा रहा है। उनका आरोप था कि देश में नफरत की राजनीति इसलिए कराई जा रही है ताकि जनता अपने सवाल न पूछ सके।
इन मुद्दों को उठाया तो मुझपर ही मुकदमे दर्ज कर दिए गए- संजय सिंह
उन्होंने मिर्ज़ापुर से वाराणसी तक की यात्रा के दौरान बुलडोजर से घरों के तोड़े जाने, चौड़ीकरण और परियोजनाओं के नाम पर जमीनें छीने जाने और हजारों एकड़ जमीन पर कब्जे की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि एक आदमी अपनी पूरी जिंदगी की कमाई से घर बनाता है और सरकार एक मिनट में उसे उजाड़ देती है। संजय सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि वाराणसी में पौराणिक मंदिरों, मूर्तियों और अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा तक को नहीं बख्शा गया और जब इन मुद्दों को उठाया गया तो उन पर ही मुकदमे दर्ज कर दिए गए।
”नौकरी दो या 18 साल से ऊपर हर नौजवान को बेरोजगारी भत्ता दो”
संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल किया कि हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा करने वाली सरकार 12 साल में 24 करोड़ नौकरियां क्यों नहीं दे सकी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश के दावे के बावजूद युवाओं को नौकरी नहीं मिली। उन्होंने साफ कहा कि आप की मांग है नौकरी दो या 18 साल से ऊपर हर नौजवान को हर महीने 10,000 रुपये बेरोजगारी भत्ता दो।





