बारुईपुर (दक्षिण 24 परगना), 30 मई (हि. स.)। सुंदरबन में एक रॉयल बंगाल टाइगर की रविवार मौत हो गयी है। माना जा रहा है कि वृद्धावस्था के कारण मौत हुई है। हालांकि, उसकी मौत के पीछे कोई और कारण तो नहीं है, इसका पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम किया जा रहा है। वन विभाग के मुताबिक, वयस्क बाघ सुंदरवन बाघ परियोजना के पास हरिखाली के जंगल में कई दिनों से घूमता देखा गया था। वह काफी कमजोर था। उसकी तबीयत और बिगड़ गई। वनकर्मियों ने उसे सजनेखाली ले गए। पानी और चिकन खिलाया गया है। डॉक्टर ने उसका शारीरिक परीक्षण भी किया। लेकिन उसकी मौत हो गयी। वन विभाग के अनुसार वयस्क नर बाघ की उम्र 11-12 वर्ष है। यह संभवतः ‘यास’ के कारण उत्पन्न ज्वार की लहर से लड़ते हुए बीमार पड़ गया। मुख्य वन अधिकारी (वन्यजीव) विवेक कुमार यादव ने कहा कि बाघ हरिखाली के जंगल में घूम रहा था। वह बीमार था और उसे सजनेखाली लाया गया। उसका इलाज भी किया गया। हालांकि, उनकी मौत हो गई। बाघ की मौत संभवतः वृद्धावस्था के कारण किसी बीमारी से हुई है। सुंदरवन चक्रवात ‘यास’ से बहुत तबाह हो गया है। सुंदरवन बाघ परियोजना का विशाल क्षेत्र पानी के नीचे चला गया है। बाघ का भी पोस्टमार्टम किया जा रहा है।बाघ की मौत पर बाघ विशेषज्ञ जॉयदीप कुंडू ने दुख व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने तबाह हुए सुंदरवन में वन कर्मियों ने जिस तरह से काम किया है, उसकी उन्होंने तारीफ भी की। हिन्दुस्थान समाचार/सुगंधी/गंगा




