-दिन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग ई-कॉन्क्लेव शुरू शुरू ऋषिकेश, 29 मई(हि.स.)। परमार्थ निकेतन, यूथ न्यूज ऑनलाइन, इंडियन योग एसोसिएशन और राष्ट्रीय युवा फाउंडेशन के तत्वावधान में शनिवार को तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग ई-काॅन्क्लेव का आगाज हो गया। इसमें विख्यात योगाचार्य और संत हिस्सा ले रहे हैं। इस मौके पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि वर्तमान समय में हमारे चारों ओर जो परिदृश्य है उसका संयम और धैर्य के साथ सामना करने के लिये हम सब को तैयार रहना बहुत जरूरी है। व्यक्ति को योग के साथ कर्मयोग भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है। प्रदूषण के कारण प्रकृति और पर्यावरण का हर दूसरे दिन नया स्वरूप देखने को मिल रहा है। पहले केदारनाथ प्रलय, अब कोरोना का कहर और फिर क्लाईमेंट चेंज की समस्या, कभी तौऊते तो कभी यास तूफान आदि अनेक चुनौतियां हमारे सामने हैं। सरकार के साथ-साथ हम सबका भी राष्ट्रीय कर्तव्य एवं दायित्व है कि सब मिल कर इन सब चुनौतियों का सामना करें। राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने कहा कि योगः कर्मसु कौशलम् अर्थात “कर्मों को कुशलतापूर्वक करना ही योग है। दूसरे का अहित किये बिना कुशलता पूर्वक कर्म करना ही योगमय जीवन है। कर्म करने से पूर्व योगस्थ हो जाना ही योग हमें सिखाता है। इस दौरान श्री पंचायती निरंजनी अखाडा महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि, हिमांशु पांडे, तनुज नारायण ने भी विचार रखे। हिन्दुस्थान समाचार /विक्रम




