उत्तरकाशी, 28 अप्रैल (हि.स.)। गोविंद वन्य जीव विहार में निकासी के नाम पर जड़ी-बूटी की जमकर तस्करी हो रही है। तस्करों के हौसले बुलुंद हैं। विभागीय अधिकारियों की भूमिका सवालों के घेरे में है। यहां पांच वन चेक पोस्ट और मोरी और पुरोला पुलिस को चकमा देकर नौगांव वन विभाग की चेक पोस्ट पर वन संपदा की तस्करी का मामला पकड़ा गया है। बताया गया है कि निकासी में नैटवाड से देहरादून के लिए जारी 99 नग कट्टों और बोरा सहित दर्शाए गए। शक होने पर चेकिंग के लिए मुगरसंती रेंज के सौली बैरियर पर ट्रक को रोका गया। चेकिंग में 99 के स्थान पर 184 बोरे मिले। जानकार कहते हैं कि नैटवाड़ से सौली तक वन विभाग की नैटवाड़, मोरी, जरमोला, हुड़ोली चेक पोस्ट तथा पुरोला थाना और मोरी थाने को पार करना बिना अधिकारियों की मिलीभगत के संभव नहीं हो सकता है। इससे पूर्व भी दिसंबर में नैटवाड़ बैरियर पर चेकिंग के दौरान 190 नग जड़ी -बूटी, वन्य जीव कस्तूरी को अवैध रूप से ले जाते पकड़ा गया था । साथ ही अवैध कटान के कई मामलों के साथ बड़े स्तर पर अवैध खनन पर कार्रवाई हुई थी। आरोप है कि आला अफसरों से सांठगांठ कर मामले को रफा- दफा करवा दिया गया। यही नहीं सांकरी रेंज में आरा लगे होने की खबर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। अपर यमुना वन प्रभाग के मुगरसन्ति रेंज अधिकारी कन्या लाल बेलवाल ने बताया कि सूचना मिलने पर सौली बैरियर पर जड़ी-बूटी का एलपी ट्रक चेक किया गया। तब ताजा मामले का खुलासा हुआ। ट्रक को सीज कर जड़ी-बूटी को कब्जे में ले लिया गया है। वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में गोविंद वन्य जीव पशु बिहार राष्ट्रीय पार्क के उप निदेशक कोमल सिंह से मोबाइल फोन पर सम्पर्क करने की कोशिश की गई। उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला। हिन्दुस्थान समाचार /चिरंजीव सेमवाल




