वाराणसी, 09 मई (हि.स.)। वाराणसी में कोरोना टीकाकरण (वैक्सीनेशन)में व्याप्त कमियों को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व जोनल प्रवक्ता अनिल श्रीवास्तव ‘अन्नु’ ने सवाल उठाया है। रविवार को टीकाकरण व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वैक्सीनेशन कराये जाने का उद्देश्य निष्फल हो जायेगा। वैक्सीन लगवाने के लिए 18 वर्ष के आयु व उससे उपर के लोगों को जो ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा सरकार ने दी है। वह अब लोगों की परेशानी का सबब बनता जा रहा है। कांग्रेस नेता अन्नु ने आरोप लगाया कि जब वैक्सीनेशन का कार्य वाराणसी में प्रारंभ हुआ तो निजी अस्पतालों में भी वैक्सीन लगाने की सुविधा नागरिकों को दी गई थी। जिसे अब पूर्णतया बंद कर दिया गया है। निजी अस्पतालों में पहला डोज कोवीशिल्ड वैक्सीन लोगों का लगा और सरकारी अस्पतालों में कोवैक्सीन। कोवीशिल्ड की दूसरी डोज 45 दिन बाद व कोवैक्सीन की डोज 28 दिन बाद लगाने का गाईडेंस है। यदि यह समयावधि पार करती है तो पहला डोज लगवाने का औचित्य खत्म हो जाता है। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों में वैक्सीनेशन का कार्य बंद होने से नागरिकों को समझ में नहीं आ रहा कि वह क्या करें?। इस वजह से सरकारी अस्पतालों में भी 45 वर्ष के आयु के उपर वालों की भीड़ बढ़ रही। उन्होंने मांग की कि निजी अस्पतालों को वैक्सीनेशन की पूर्ववत आपूर्ति करे प्रशासन। वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को नागरिकों के लिए परेशानी का सबब बताते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि अधिकांश आबादी आनलाईन रजिस्ट्रेशन करना नहीं जानती। वह अपने कार्य ऑनलाइन साईबर कैफे से कराने की अभ्यस्त रही है और लाकडाउन के चलते उसके समक्ष दिक्कत आ रही। जिन्होंने करा भी लिया है किसी तरह, उनका नम्बर आने में काफी विलम्ब हो रहा, ऐसे में जिला प्रशासन को चाहिए कि जब तक कोई अन्य व्यवस्था नहीं होती, वह वैक्सीनेशन सेंटरों पर टोकन सिस्टम का उपयोग पूरी पारदर्शिता से करे, जिससे अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ ले सकें। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर




