नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 में भारी भीड़ उमड़ने से शहर में अव्यवस्थाएं फैल गई हैं। विशेष रूप से माघ पूर्णिमा स्नान के दौरान, सड़कों पर भीषण जाम लग गया, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा।
‘डबल इंजन नहीं, डबल ब्लंडर सरकार’
अखिलेश यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने महाकुंभ को लेकर बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन पहले ही प्रमुख स्नान के दिन प्रशासन की तैयारियों की पोल खुल गई। उन्होंने सरकार को ‘डबल इंजन नहीं, डबल ब्लंडर सरकार’ करार दिया। अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार का दावा था कि 100 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। महाकुंभ में पहुंचे श्रद्धालु और स्थानीय लोग जाम की समस्या से बुरी तरह जूझ रहे हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि लोग तीन-तीन दिन तक गाड़ियों में फंसे हुए हैं और शहर के भीतर भी लोग ‘हाउस अरेस्ट’ जैसी स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल अपनी छवि सुधारने के लिए प्रचार किया, लेकिन व्यावहारिक रूप से कोई ठोस इंतजाम नहीं किए।
’10 हजार करोड़ का बजट, फिर भी अव्यवस्था’
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकार के 10 हजार करोड़ रुपये खर्च करने के दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर इतना बड़ा बजट खर्च किया गया है तो फिर व्यवस्थाएं चरमरा क्यों गईं? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सरकार ड्रोन से मॉनिटरिंग क्यों नहीं करवा रही थी? अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार जहां विफल साबित हुई, वहीं स्थानीय लोग श्रद्धालुओं की मदद करने में आगे आए हैं। उन्होंने बताया कि हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग एक साथ श्रद्धालुओं की सहायता कर रहे हैं, लेकिन सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह असफल रही।
सरकार को बताया अव्यवस्था का जिम्मेदार
अखिलेश यादव ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों में केवल प्रचार करने से कुछ नहीं होता, बल्कि सही मायने में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार दोनों की थी और उन्हें मिलकर इसका सही प्रबंधन करना चाहिए था।




