नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। धर्मनगरी मथुरा से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के सुरक्षा गार्डों पर एक स्थानीय दुकानदार को बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है। यह घटना गौरी गोपाल आश्रम के पास हुई है, जिसके बाद पीड़ित को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
दिन-दहाड़े दुकानदार को घसीटकर पीटा
बता दे कि, पीड़ित की पहचान विवेक कुमार के रुप में हुई है जो अनिरुद्धाचार्य के गौरी गोपाल आश्रम के पास दुकान चलाते हैं। विवेक कुमार की बेटी ने बताया कि, आज दिन दहाड़े (करीब 11.30 से 12.00 बजे के बीच), गौरी गोपाल आश्रम के गार्ड आए और उनके पिता को घसीटते हुए अंदर ले गए। विरोध करने पर उन्हें बुरी तरह से मारा-पीटा गया। जहां पिटाई से दुकानदार बुरी तरह से घायल हो गया, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अस्पताल प्रशासन पर भी ‘दबाव’ का आरोप
पीड़ित परिवार ने इस पूरे मामले में न्याय न मिलने के पीछे प्रसिद्ध कथावाचक के प्रभाव का आरोप लगाया है। अस्पताल में इलाज ना होने को लेकर पत्नी का आरोप है कि विवेक कुमार का सही से इलाज नहीं किया जा रहा है और उन्हें एक भी दवाई नहीं दी गई है।पीड़ित की पत्नी ने दावा किया है कि यह सब अनिरुद्धाचार्य के दबाव में हो रहा है, जिसके चलते उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। इसी के साथ ही परिवार का आरोप है कि पुलिस द्वारा भी आरोपियों पर हल्की धाराएं लगाई गई हैं, जबकि वे सुरक्षा गार्डों को तुरंत गिरफ्तार करने और उन पर कड़ी से कड़ी धाराएं लगाने की मांग कर रहे हैं।यह मामला धार्मिक हस्तियों से जुड़े व्यक्तियों द्वारा कानून हाथ में लेने के आरोपों को लेकर गरमा गया है। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए, मथुरा पुलिस ने आरोपों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अब देखना यह होगा कि धर्मोपदेश देने वाले कथावाचक से जुड़े इन सुरक्षाकर्मियों पर पुलिस कितनी सख्त कार्रवाई करती है।
परिवार ने मांगी सख्त कार्रवाई
पीड़ित परिवार ने मांग की है कि सुरक्षा गार्डों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इस घटना ने धार्मिक हस्तियों से जुड़े व्यक्तियों द्वारा कानून हाथ में लेने के आरोपों पर बहस को और गर्मा दिया है। वहीं मथुरा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अब यह देखने वाली बात है कि कथावाचक से जुड़े सुरक्षा गार्डों पर पुलिस कितनी सख्त कार्रवाई करती है और पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिलता है।





