तमिलनाडु के खेल मंत्री ने जल्लीकट्टू को दिखाई हरी झंडी, विजेता को मिली कार; जानें इस खतरनाक खेल के बारे में

Tamilandu News: युवा कल्याण और खेल विकास मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने बुधवार सुबह मदुरै के अलंगनल्लूर में जल्लीकट्टू कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाई।
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चेन्नई, (हि.स.)। तमिलनाडु के युवा कल्याण और खेल विकास मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने बुधवार सुबह मदुरै के अलंगनल्लूर में जल्लीकट्टू कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाई। आयोजन के लिए 1,200 सांड और सांडों को काबू करने वाले 800 लोगों के भाग लेने का प्रबंध था। खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सबसे ताकतवर सांड को काबू करने वाले खिलाड़ी और ताकतवर सांड को पुरस्कार स्वरूप नई कार दी।

खिलाड़ी और सांड दोनों के लिए कड़ी सुरक्षा

पहले दौर में 50 सांडों को छोड़ा गया, जिनमें से 7 सांडों को काबू करने वालों ने वश में कर लिया। प्रत्येक राउंड से पहले, जिला स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा उचित स्वास्थ्य जांच के बाद सांडों को काबू करने वालों को रिंग में प्रवेश करने की अनुमति दी गई। खिलाड़ियों को चोटिल या अन्य प्रकार की दुर्घटना से बचाने के लिए भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी (आईआरसीएस) के 20 से अधिक सदस्य कार्यक्रम में पहले से मौजूद थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, "जल्लीकट्टू खेल की व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यक्रम स्थल पर लगभग 1,500 पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया था।"

अब तक क्या हुआ

मदुरै के अवनियापुरम मैदान में जल्लीकट्टू खेल के पहले दिन सोमवार सुबह पोंगल उत्सव के मुख्य आकर्षण जल्लीकट्टू सीजन की शुरुआत हुई जिसमें 800 से अधिक बैल और 400 उत्साही युवा एक-दूसरे के आमने-सामने हुए। मदुरै के ही पलामेडु अखाड़े में सांडों को वश में करने का खेल मंगलवार सुबह 7.30 बजे शुरू हुआ जब सांडों को 'वाडिवासल' से बाहर निकाला गया।

सांड और खिलाडी आमने सामने

10 राउंड में लगभग 840 सांडों को छोड़ा गया और 485 सांडों को काबू करने वाले मैदान में उतरे। 'वीरामंगई'- बहादुर महिला मालिकों द्वारा छोड़े गए सांडों ने दर्शकों का ध्यान खींचा। पुदुकोट्टई के मारुथुपंडी के स्वामित्व वाले सांड 'रॉकेट चिन्ना करुप्पु' ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन द्वारा प्रायोजित कार सहित शीर्ष सम्मान जीता।

चुनौती भरे खेल में सम्मान, पुरस्कार व जोखिम साथ

हर जगह खेल के दौरान कड़ी स्पर्धा देखी गई। इस दौरान सोने के सिक्के, कपड़ों से लेकर साइकिल और फर्नीचर तक के पुरस्कारों के लिए होड़ थी। अवनियापुरम में 10 राउंड के बाद कार्तिक ने 17 सांडों को वश में करने के लिए सीज़न का शीर्ष पुरस्कार जीता। उन्हें और बैल के मालिक जीआर कार्तिक को टीएन को पुरस्कार स्वरूप खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन द्वारा प्रायोजित कारें दी गईं। प्रत्येक आयोजन स्थल पर 3,000 से अधिक लोगों की भीड़ संभालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

कई घायल, कुछ के हाथ-पैर टूटे

अवनियापुरम और पलामेडु में क्रमशः सोमवार और मंगलवार को आयोजित जल्लीकट्टू कार्यक्रम बिना किसी के हताहत हुए संपन्न हुआ। पुलिस के मुताबिक, पलामेडु में करीब 40 और अवनियापुरम में 94 लोग घायल हुए हैं। मदुरै और त्रिची में एक-एक बैल को फ्रैक्चर हुआ। मदुरै में तमाशबीन और दर्शकों सहित लगभग 156 लोग घायल हो गए, जिनमें से चार की हालत गंभीर बताई गई है। त्रिची में 25 सांडों को काबू करने वाले, 23 दर्शक, 24 सांडों के मालिक और एक पुलिस उप-निरीक्षक घायल हो गए।

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