अजमेर, 30 अप्रैल(हि.स.)। अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन द्वारा 30 अप्रेल से प्रदेश भर में पशु आहार के मूल्य में 3 रुपए प्रति किलो की वृद्धि का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि फेडरेशन के अधिकारियों ने समय रहते कच्चे माल की खरीद नहीं की, इससे पहले पशु आहार का उत्पादन ठप हो गया, लेकिन बाद में जब महंगी दर पर कच्चा माल खरीदा तो 3 रुपए प्रति किलो की वृद्धि कर दी। डेयरी अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के सात पशु आहार संयंत्रों में प्रतिदिन 20 लाख किलो पशु आहार तैयार होता है। इस हिसाब से प्रदेश के गरीब पशुपालकों को प्रतिदिन 60 लाख रुपए अधिक चुकाने होंगे। कोरोना संक्रमण में पशुपालक पहले ही परेशान हैं और पशु आहार पर मूल्य वृद्धि से उसकी परेशानी और बढ़ जाएगी। अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने इस मूल्य वृद्धि का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि कच्चा माल समय पर नहीं खरीदने की जिम्मेदारी फैउरेशन की है, इसलिए मूल्य वृद्धि भी फेडरेशन को ही वहन करनी चाहिए। फेडरेशन के अधिकारी अपनी गलती का दंड गरीब पशुपालकों को नहीं दे सकते हैं। एक और राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पशुपालकों को एक लीटर दूध पर दो रुपए का अनुदान दे रहे हैं तो दूसरी ओर फेडरेशन के अधिकारियों ने पशु आहार प्रति किलो तीन रुपए महंगा कर दिया है। चैधरी ने मुख्यमंत्री गहलोत को एक पत्र लिख कर आग्रह किया है कि कोरोना काल में पशुपालक महंगा आहार नहीं खरीद सकता है। पत्र में यह भी मांग की गई कि कच्चा माल खरीदने और फिर पशु आहार के दाम बढ़ाने की एक कमेटी बनाकर जांच करवाई जाए। इस कमेटी में जिला दूध संघ के दो अध्यक्षों के सदस्य के तौर पर शामिल किया जाए। चौधरी ने मुख्यमंत्री को बताया कि आज राजस्थान दूध उत्पादन में देश में दूसरे नम्बर पर हैं। पशु नस्ल सुधार में ही राजस्थान, हरियाणा और गुजरात के समकक्ष खड़ा है। ऐसे में यदि पशु आहार की कीमत बढ़ाई जाती है तो डेयरी उद्योग को नुकसान होगा। हिन्दुस्थान समाचार/संतोष/ ईश्वर




