जोधपुर, 16 मार्च (हि.स.)। अप्रेल-मई के भीषण गर्मी में पेयजल संकट की स्थिति नहीं बने, इसे देखते हुए अब इंदिरा गांधी नहर में क्लोजर की अवधि कम कर दी गई है। साथ ही मौसम के मिजाज को देखते हुए नहरबंदी की तारीख में भी मामूली बदलाव किया गया है। इसके तहत अब बीस मार्च की बजाय 29 मार्च से क्लोजर लेने का निर्णय लिया गया है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो क्लोजर अविध में कमी करके 70 की बजाय अब 60 दिन की बंदी ली जाएगी। पंजाब सरकार को इस बारे में अवगत करवा दिया गया है। इसमें 29 मार्च से 29 मई तक होने वाली नहरबंदी में पहले तीस दिनों तक 2000 क्यूसेक पानी पेयजल के लिए चलाया जाएगा। इसके बाद 29 अप्रेल से 29 मई तक पूर्ण बंदी ली जाएगी। इस अवधि में राजस्थान क्षेत्र की इंदिरा गांधी मुख्य नहर के 49 किलोमीटर क्षेत्र में रीलाइनिंग का कार्य किया जाएगा। इसके लिए 250 करोड़ रुपए मंजूर कर दिए गए हैं। इसी तरह इंदिरा गांधी मुख्य नहर पंजाब भाग में 30 किमी क्षेत्र में रीलाइनिंग सहित अन्य मरम्मत कार्य किए जाएंगे। पंजाब में चरणबद्ध तरीके से 100 किमी में होने वाले रीलाइनिंग कार्य के लिए 1300 करोड़ का बजट मंजूर हुआ है। रीलाइनिंग कार्य होने के बाद नहरों में रेग्यूलेशन के अनुसार पानी चलाना संभव हो सकेगा। वर्तमान में जगह-जगह से नहर की लाइनिंग जर्जर हो चुकी है। इसके कारण नहरों में पानी का लीकेज भी बढ़ रहा है। रीलाइनिंग कार्य पूर्ण होने के बाद रेग्यूलेशन के अनुसार नहरों में पानी चलना संभव हो सकेगा। इंदिरा गांधी नहर से जोधपुर सहित हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, नागौर, जैसलमेर सहित प्रदेश के दस जिलों को जलापूर्ति होती है। हिन्दुस्थान समाचार/सतीश / ईश्वर





