जयपुर, 02 मार्च (हि.स.)। आइकोनिक डिग्गी पैलेस के वर्चुअल स्वरूप में आयोजित जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 14वें संस्करण का समापन 10 दिनों तक चलने वाले बेमिसाल सत्रों, चर्चाओं और संवाद से हुआ। लगभग 160 घंटे की प्रोग्रामिंग के माध्यम से फेस्टिवल के प्रोड्यूसर टीमवर्क आट्र्स ने डिजिटल शो के नए आयाम को प्रस्तुत किया। दुनियाभर के श्रोताओं से डिजिटली रूप में जुडऩे वाले इस फेस्टिवल में विश्व के श्रेष्ठ वक्ताओं ने हिस्सा लिया। फेस्टिवल की माइक्रोसाईट पर 50 हजार से ज्यादा श्रोताओं ने साहित्य के कुंभ के 180 सत्रों को सुनने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया। फेस्टिवल ने 22 देशों के 450 से अधिक वक्ताओं की मेजबानी की। पिछले दो सप्ताह में मिले श्रोताओं के भरपूर प्यार और आग्रह के चलते सभी सत्र अब यूट्यूब और फेसबुक पर फेस्टिवल के सोशल मीडिया चैनल पर उपलब्ध होंगे। लेखिका और फेस्टिवल की को डायरेक्टर नमिता गोखले, विलियम डेलरिम्पल, टीमवर्क आट्र्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के प्रोड्यूसर संजॉय के. रॉय, टीमवर्क आट्र्स की प्रेजीडेंट प्रीता सिंह ने बताया कि फेस्टिवल में चर्चाओं, वाद और संवाद के दौर में तकनीक व एआई, राजनीति व इतिहास, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन, मानसिक स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था, अनुवाद, काव्य व संगीत, फूड व साहित्य, जिओपॉलिटिक्स, विज्ञान व औषधि, लोकतंत्र व संविधान, जल व संवहनियता, ऐतिहासिक गल्प, यात्रा इत्यादि पर खुलकर चर्चा हुई। समापन सप्ताहांत में कथा और कथेतर लेखकों, इतिहासकार, जीवनीकार और यात्रा लेखक से लेकर नीति विशेषज्ञों और वैश्विक परिवर्तनकर्ताओं ने अपने विचार प्रस्तुत किए। समापन सप्ताहांत की शुरुआत अमेरिकी दार्शनिक माइकल संदेल के संभाषण से हुई, जहां उन्होंने भारतीय लेखक और संसद सदस्य शशि थरूर से चर्चा की। फेस्टिवल ने कई महत्वपूर्ण सत्रों की मेजबानी की। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर




