भोपाल, 5 जून (हि.स.)। प्रदेश कांग्रेस मीडिया उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेश में जंगल क्षेत्रों के घटने को चिंताजनक बताया और यह सवाल उठाया है कि 350 करोड़ रूपया वृक्षारोपण अभियानों पर खर्च करने के बावजूद भी प्रदेश का जंगल क्यों घट गया है? कहां गए वह छ: करोड़ पेड़ जो नर्मदा के किनारे रोपे गए थे ? उनमें से कितने पेड़ जीवित हैं। गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए एक दिन में एक करोड़ पौधे लगाए गए थे वह पौधे कहां हैं? वे वृक्ष क्यों नहीं बन पाए? भूपेन्द्र गुप्ता ने सीएम शिवराज पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रोज एक पौधा रोपते हुए अपनी फोटो छपवाते हैं। मगर तीन महीनों से चल रही इस फोटो अपारचुनिटि में उनकी सरकार के किसी भी मंत्री ने पौधे लगवाने की फोटो नहीं खिंचवाई। सरकार को यह जवाब देना चाहिए कि क्या उनकी कैबिनेट वृक्षारोपण के इस फोटोजनिक नवाचार को स्वीकार नहीं करती है? कांग्रेस नेता ने कहा कि राजधानी भोपाल में लाखों पेड़ क्यों काट दिए गए? इनके जवाब विश्व पर्यावरण दिवस पर जरूर आने चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरी भाजपा केवल तस्वीरें खिंचवाने के अवसर ढूंढती रहती है और पौधा लगाना भी उनके लिए गंभीर विषय नहीं बल्कि एक फोटो अपॉर्चुनिटी है आखिर मुख्यमंत्री जी की इस मुहिम को उनकी कैबिनेट ने समर्थन क्यों नहीं दिया? 17 साल में जंगल क्यों सिकुड़ गए? डेंसिफिकेशन के नाम पर काटे गए लाखों वृक्ष की लकड़ी कहां गई? एमपी वांट्स टू नो ? जबाब दे सरकार। हिन्दुस्थान समाचार/ नेहा पाण्डेय




