धर्मशाला, 02 जून (हि.स.)। निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रधानमंत्री के तौर पर पदभार ग्रहण करने के एक सप्ताह के बाद पेंपा सेरिंग अब एक्टिव मोड पर आ गए हैं। पेंपा सेरिंग ने अपने एक सप्ताह के कार्यकाल के साथ ही केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों के प्रमुखों से मुलाकात और बैठकों का सिलसिला शुरू कर दिया है। इससे पूर्व जहां बीते दिन मंगलवार को उन्होंने मुख्य न्यायाधीश आयुक्त और तिब्बती सर्वोच्च न्याय आयोग के अन्य दो न्याय आयुक्तों से मुलाकात की थी, वहीं बुधवार को सिक्योंग ने स्वायत्त निकायों के प्रमुखों के साथ बैठक की। गुरूवार को हुई इस बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त और लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष वांगदू सेरिंग, सचिव सेरिंग यांग्कीय, महालेखा परीक्षक आर्य पेमा दादुल, सचिव ताशी तोपग्याल और महालेखा परीक्षक कार्यालय के संयुक्त सचिव थिनले चोफेल शामिल रहे। बैठक में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के कार्यकारी प्रमुख के रूप में पेंपा सेरिंग ने कहा कि एक सामान्य लक्ष्य की ओर सामूहिक रूप से ध्यान केंद्रित करने के लिए वह निर्वासन के सभी वर्गों तक पहुंचकर आंतरिक संबंधों को मजबूत करेंगे, जिसमें न केवल टीएसजेसी, निर्वासित तिब्बती संसद और उसके स्वायत्त निकाय, बल्कि गैर सरकारी संगठन और मीडिया भी शामिल रहेगा। हिन्दुस्थान समाचार/सतेंद्र/सुनील





