नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और एडीजीपी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सुसाइड नोट में जिन अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे थे, उनमें से एक रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजरानिया को आखिरकार पद से हटा दिया गया है। सरकार ने मामले की गहराई से जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर दी है। पूरन कुमार के सुसाइड नोट में डीजीपी शत्रुजीत कपूर और एसपी बिजरानिया समेत आठ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नाम थे। नोट में मानसिक उत्पीड़न और विभागीय शोषण का जिक्र किया गया है।
बिजरानिया की जगह सुरेन्द्र भोरिया नए एसपी
सरकार ने तत्काल प्रभाव से रोहतक एसपी नरेंद्र बिजरानिया को हटाकर उनकी जगह आईपीएस सुरेन्द्र सिंह भोरिया को नियुक्त कर दिया है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई सुसाइड नोट में नाम आने के कारण की गई है। वहीं, पूरे मामले की जांच अब चंडीगढ़ के आईजी पुष्पेंद्र कुमार की अध्यक्षता में गठित SIT के हवाले कर दी गई है।
पोस्टमार्टम से इनकार, पत्नी ने FIR में संशोधन की मांग की
मृतक आईपीएस अधिकारी की पत्नी और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने एफआईआर में महत्वपूर्ण जानकारियों की कमी और एससी/एसटी एक्ट की कमजोर धाराओं को लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने एफआईआर में सभी नामों को सटीक रूप से शामिल करने की मांग करते हुए साफ कहा है कि, जब तक न्याय की गारंटी नहीं मिलती, वह अपने पति का पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगी।
गौरतलब है कि वाई पूरन कुमार का पार्थिव शरीर बीते पांच दिनों से शवगृह में रखा गया है। परिवार ने अंतिम संस्कार से इनकार करते हुए मामले में न्याय मिलने तक इंतजार करने का फैसला लिया है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग भी सक्रिय
मामले में अब राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) भी सक्रिय हो गया है। आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने पूरन कुमार के परिवार से मुलाकात कर संवेदना जताई और भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
सुसाइड नोट में बड़े खुलासे
पूरन कुमार द्वारा छोड़े गए आठ पन्नों के सुसाइड नोट में कई सनसनीखेज आरोप दर्ज हैं। उन्होंने लिखा कि उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और विभागीय राजनीति का शिकार बनाया गया। उन्होंने डीजीपी शत्रुजीत कपूर और एसपी बिजरानिया पर विशेष रूप से उत्पीड़न और बदनामी फैलाने के आरोप लगाए हैं।
वाई पूरन कुमार की आत्महत्या ने हरियाणा पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। SIT जांच, एसपी का ट्रांसफर और आयोग की सक्रियता इस बात का संकेत हैं कि मामला अब सिर्फ आत्महत्या नहीं, बल्कि एक बड़े सिस्टम की पड़ताल में बदल चुका है।





