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Friday, March 13, 2026
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गांधीनगर में टाइफाइड का संकट, दूषित पानी से 152 मरीज भर्ती, बच्चों की मौत ने बढ़ाई चिंता

गांधीनगर में दूषित पानी की वजह से टाइफाइड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, 152 मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। बच्चों की मौत और गंभीर स्थिति ने लोगों और अधिकारियों में चिंता बढ़ा दी है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। गुजरात की राजधानी गांधीनगर में दूषित पानी के कारण टाइफाइड के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, सिविल अस्पताल में 152 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 50 मरीज टाइफाइड पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं, 108 संदिग्ध मरीजों के टाइफाइड सैंपल और रिपोर्ट की जांच जारी है।

दहेगाम के एक बच्चे की सेप्टिक शॉक से मौत हो चुकी है

इस गंभीर स्थिति में पहले ही दहेगाम के एक बच्चे की सेप्टिक शॉक से मौत हो चुकी है। वहीं, आदिवाड़ा क्षेत्र के एक अन्य बच्चे की मौत एक्यूट वायरल एन्सेफेलाइटिस के कारण हुई। दो बच्चे गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती हैं, जबकि इलाज के बाद 25 मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है।

दूषित पानी और पाइपलाइन में लीकेज

राज्य सरकार के अनुसार, यह समस्या पानी की पाइपलाइन में लीकेज और साफ पानी की कमी के कारण उत्पन्न हुई है। सेक्टर 24, 28 और आदिवाड़ा क्षेत्र में यह स्थिति सबसे गंभीर है। दूषित पानी के कारण बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तुरंत पाइपलाइन की मरम्मत के आदेश दिए। इसके बाद प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर से पानी की आपूर्ति शुरू कराई गई है। आदिवाड़ा और आसपास के इलाकों में पानी लेने के लिए लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। महापालिका भी टैंकर और पाइपलाइन की मरम्मत के माध्यम से लगातार पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है।

अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाएँ

सिविल अस्पताल में प्रभावित मरीजों के लिए 24 घंटे OPD सेवा शुरू की गई है। इसके साथ ही मरीजों के रिश्तेदारों के लिए खाने और अन्य सुविधाओं का इंतजाम भी किया गया है। गांधीनगर के लोकसभा सांसद भी अस्पताल अधिकारियों से नियमित अपडेट ले रहे हैं और स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से सावधानी बरतने और केवल उबालकर या शुद्ध पानी पीने की सलाह दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि दूषित पानी या भोजन से ही टाइफाइड फैलता है। प्रभावित इलाकों में हैंड सैनिटाइजेशन और मास्क के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि अन्य संक्रामक रोगों से भी बचाव किया जा सके।

जनता में भय और स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी

स्थानीय लोग चिंता व्यक्त कर रहे हैं कि पानी की समस्या लगातार बनी हुई है और टैंकर से पानी लेने के लिए भीड़ में खड़े रहना पड़ रहा है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर माता-पिता विशेष रूप से सतर्क हैं।

गांधीनगर में टाइफाइड का यह प्रकोप सरकारी तंत्र और स्वास्थ्य विभाग के लिए सतर्कता का संकेत है। शुद्ध पानी की आपूर्ति, पाइपलाइन की मरम्मत और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के माध्यम से स्थिति पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं।

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