नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। राजधानी दिल्ली में 4 मार्च को होली के दिन उत्तम नगर दो परिवारों के बीच विवाद देखने को मिला था जिसमें एक तरुण नामक युवक की पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर यह खबर आग की तरह फैल गई जिसका फायदा कुछ ठगों ने भी उठा लिया। दरअसल, यह मामला अलग अलग धर्म से जुडे लोगों के बीच था जिसके कारण लोग 2 धड़ो में बंट गए। ठगों ने भी पीडितों की मदद के नाम पर लोगों से ठगी करना शुरु कर दिया और QR कोड के जरिए 2 दिन में 37 लाख रुयये जुटा लिए।
एक्शन मोड़ में आई दिल्ली पुलिस
द्वारका पुलिस के मुताबिक, कुछ लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रामक और अपुष्ट जानकारी फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया कंपनियों से संपर्क कर ऐसे अकाउंट्स और पोस्ट हटाने के लिए कहा है। अब तक पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर भड़काऊ कंटेंट हटाने के लिए आईटी एक्ट की धारा 79(3)(b) के तहत 14 टेकडाउन रिक्वेस्ट भेजी हैं, जबकि इंस्टाग्राम पर 8 टेकडाउन रिक्वेस्ट भेजी गई हैं।
झूठी कहानी की आड़ में कर रहे थे ठगी
पुलिस जब इस जांच की दिशा में आगे बढ़ रही थी तो कुछ घटनाएँ ऐसी भी सामने आई जो लोगों को ठग रही थी। ठग झूठी कहानियां रचकर लोगों से पैसे लूट रहे थे। दरअसल, 10 मार्च को एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें QR कोड़ के जरिए लोगों से आर्थिक मांगी जा रही थी। सिर्फ दो दिनों के भीतर उस संदिग्ध बैंक खाते में करीब 37 लाख रुपये जमा हो चुके थे। इसे देखते हुए पुलिस ने तुरंत संबंधित बैंक शाखा के मैनेजर को सूचना देकर खाते को फ्रीज कराने और उसमें जमा रकम पर रोक लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।




